परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 3762 विद्यार्थियों के अभिभावकों के आधार कार्ड में गड़बड़ी के कारण उनका सत्यापन नहीं हो पाया है। इस कारण विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर और बस्ते आदि के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है।
शासन की ओर से परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को ड्रेस, जूते मोजे, स्वेटर और बस्ते आदि के लिए उनके अभिभावकों के बैंक खाते में 1200 रुपये की आर्थिक सहायता राशि हस्तांतरित की जाती है। शासन की ओर से अभिभावकों के बैंक खातों को आधार कार्ड से जोड़ने के विगत में आदेश जारी हो चुके हैं।
इस क्रम में परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आधार कार्ड का सत्यापन किया जाता है। 3762 विद्यार्थियों के अभिभावकों के आधार कार्ड में गड़बड़ी पाए जाने के कारण सत्यापन नहीं हो पाया है। इस कारण विद्यार्थी डीबीटी के माध्यम से मिलने वाली धनराशि के लाभ से वंचित रह गए हैं।
यहां जिले के 1236 विद्यालयों में करीब 1.32 लाख विद्यार्थियों में से करीब 98 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता पूर्व में ही मिल चुकी है। इस संबंध में बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को जूते-मोजे और यूनिफॉर्म आदि सामान की खरीद के लिए अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजी जाती है। 3762 अभिभावकों के आधार कार्ड में गड़बड़ी के कारण सत्यापन नहीं हो पाया है। इससे यह बच्चे अभी लाभ से वंचित हैं।