गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की जर्जर लाइनें धोखा दे रही हैं। जिले में करीब 500 किलोमीटर बिजली की लाइनें जर्जर हालत में हैं। इस कारण फॉल्ट के साथ बिजली गुल हो रही है। कामकाज के साथ उद्योग-धंधे भी प्रभावित हो रहे हैं। इसे लेकर लोगों में गुस्सा है।
उल्लेखनीय है कि जिले में बिजली विभाग द्वारा 65 बिजलीघरों के जरिए दो लाख से अधिक लोगों को बिजली की आपूर्ति की जाती है। 10 साल पहले जर्जर लाइनों को बदला गया था। यह लाइनें अब ऐसी हो गई हैं, जो फॉल्ट तो दूर, गिरने से ही चटक रही हैं। इसका नतीजा, विद्युत आपूर्ति में व्यवधान के रूप में सामने आ रहा है।
शहर, देहात और कस्बा में बिजली की लाइनें जर्जर होने से लोगों को पर्याप्त बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। शहर के गिजरौली, नवीपुर, ओढ़पुरा और प्रगतिपुरम आदि विद्युत उपकेंद्रों से निकलने वाले फीडरों की लाइनो में फॉल्ट के चलते दिन व रात में चार से पांच घंटे बिजली गुल हो रही है। कभी दिन तो कभी रात में बिजली गुल हो रही है।
पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण लोग जरूरी कामकाज नहीं कर पा रहे हैं। विभाग लाइनों के बदलने के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है। इसे लेकर लोगों में रोष है। अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह का कहना है कि रिवेंप के तहत लाइन बदलने का काम किया जाएगा। सर्वे का काम पूरा हो गया है। जल्द लाइनें को बदला जाएगा।
बिजली की लाइनें जर्जर हालत में हैं। इस कारण जरा सा लोड पड़ने पर लाइनों में फॉल्ट हो जाते हैं। गर्मी में पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। विभागीय अधिकारी लाइनों की मरम्मत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-कमलेश, उपभोक्ता
बिजली विभाग को बिल लेने की तो याद रहती है, लेकिन सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं है। हकीकत यह है कि लाइनें जर्जर हालत में हैं। इस कारण बिजली आपूर्ति निर्बाध नहीं हो पा रही है। बेहतर आपूर्ति पर ध्यान दिया जाए।
-मुकेश, उपभोक्ता
बिजली विभाग द्वारा गर्मी को देखते हुए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। इस कारण बिजली नखरे दिखा रही है। बिना बिजली के कामकाज प्रभावित हो रहा है। उद्योग-धंधे सही तरीके से संचालित नहीं हो पा रहे हैं।
-कुल्ली, उपभोक्ता