जिले के लोगों को अभी जर्जर सड़कों पर सफर करना होगा। अभी तक सड़क निर्माण कागजों में चल रहा है। जिले के कई संपर्क मार्ग बदहाल हालत में है। कई मार्गाें के निर्माण के लिए ग्रामीण प्रदर्शन कर चुके हैं। हाथरस तहसील और नजदीक के गांवों की सड़कें बदहाल हैं। यहां सरकार के सड़कों को गड्ढामुक्त करने के आदेशों का कोई असर नहीं दिख रहा। बदहाल रास्तों पर राहगीर खतरों भरा सफर करने के लिए मजबूर हैं।
उल्लेखनीय है कि बारिश से जिले की सड़कों में गड्ढे हो गए हैं। शासन स्तर से सड़कों के निर्माण के लिए पर्याप्त बजट नहीं मिला है। इस कारण सड़क जर्जर हालत में हैं। इसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
हाथरस-जलेसर मार्ग पर हुआ प्रदर्शन
जलेसर रोड का करीब 16 किमी का हिस्सा हाथरस जिले की सीमा में आता है। इस मार्ग की हालत इतनी खराब है कि इसमें गहरे-गहरे गड्ढे हो रहे हैं। इस मार्ग से 25 गांवों के लोग हर रोज जिला मुख्यालय की दूरी तय करते हैं। इसके बाद भी इस मार्ग के निर्माण पर किसी का ध्यान नहीं है। बीते दिनों ग्रामीणों ने इस मार्ग के निर्माण को लेकर प्रदर्शन किया। तब जाकर लोक निर्माण विभाग द्वारा शासन को पेचवर्क के लिए 82 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया। हालांकि अभी तक बजट की स्वीकृति नहीं मिली है। इस कारण इस मार्ग की हालत जस की तस है।
सासनी-इगलास मार्ग में भी गहरे गड्ढे
सासनी से इगलास जाने वाले मार्ग की बात करे तो इसमें भी गहरे-गहरे गड्ढे हो रहे हैं। इस मार्ग पर लोगों का पैदल चलना मुश्किल है। इसके अलावा हाथरस जंक्शन कैलोरो, ककोड़ी, झींगुरा, मांगरू, मुरसान जटोई, नगला गोपी, नगला रद्दू, जलेसर-सिकंदराराऊ मार्ग, हसनपुर बारू, रायपुर, नगला हीरा सिंह, किंदौली, सासनी अकराबाद, तिलौठी, सुमेरपुर मार्ग, रामनगर नगरिया, बलजीत गढ़ी, अकराबाद से विजयगढ, नगला केहरिया, कचौरा रजबहा, इनायतपुर मार्ग, बसगोई, रुस्तमपुर, दिनावली सहित करीब 30 मार्गाें की हालत बहुत खराब है।
मार्ग की हालत बहुत खराब है। इस कारण पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। मार्ग के निर्माण के लिए प्रदर्शन भी किया गया। इसके बाद भी इस मार्ग के निर्माण पर किसी का ध्यान नहीं है। खासी परेशानी हो रही है।
-ज्ञानेंद्र, राहगीर, जैनी गढ़ी
नंदराम नगरिया मार्ग बाईपास से जुड़ता है। इस मार्ग से कई गांवों के लोग सफर करते हैं। इसके बावजूद मार्ग की हालत बहुत खराब है। मार्ग का निर्माण होने से काफी राहत मिलेगी। शिकायतों के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकला है।
-योगेश कुमार, नंदराम नगरिया
गांव परसारा से हर रोज काफी लोग शहर की दूरी तय करते हैं। इसके बाद भी मार्ग के निर्माण पर किसी का ध्यान नहीं है। इस मार्ग से कई गांवों के लोग हर रोज सफर करते हैं। इसके बाद भी मार्ग जर्जर हालत में है।
-दिगंबर सिंह, परसारा
जिले के अधिकांश मार्ग जर्जर हालत में हैं। कोटा मार्ग करीब 20 गांवों को जोड़ता है। इसके बाद भी मार्ग के निर्माण पर किसी का ध्यान नहीं है। कई सालों से मार्ग जर्जर हालत में है। इस कारण दूरी तय करने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
-अवधेश कुमार, कोटा
हाथरस विधानसभा क्षेत्र के सभी मार्गाें के निर्माण के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द से जल्द मार्ग का निर्माण कर दुरुस्त कराया जाएगा। -अंजुला माहौर, सदर विधायक
सड़क निर्माण के लिए कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी गई है। शासन स्तर से मार्गाें के निर्माण की हरी झंडी मिलने के साथ सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने के प्रयास हैं।
-राजेश निगम, अधिशासी अभियंता लोनिवि