निजी वाहनों के चक्का जाम का असर सलेमपुर स्थित भारत पेट्रोलियम के एलपीजी संयंत्र पर भी पड़ रहा है। अगर जल्द ही निजी वाहनों का चक्का जाम नहीं खुला तो हाथरस सहित आसपास के आठ जिलों में गैस सिलिंडरों की किल्लत खड़ी हो जाएगी। इस प्लांट से हाथरस सहित आठ जिलों के लिए गैस सिलिंडरों की आपूर्ति होती है। वर्तमान में संयंत्र से सिलिंडरों की आपूर्ति पूरी तरह ठप है।
चक्का जाम के चलते प्लांट से अनुबंधित ट्रकों को भी निजी वाहन चालक निकलने नहीं दे रहे हैं। इस प्लांट से प्रतिदिन 40 हजार सिलिंडरों की आपूर्ति हाथरस के अलावा आगरा, मथुरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, कासगंज जिलों में होती है। मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव के विरोध में रोडवेज सहित निजी वाहनों ने चक्का जाम कर रखा है। इस कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, इस चक्का जाम का असर सलेमपुर स्थित भारत पेट्रोलियम के एलपीजी संयंत्र पर भी पड़ रहा है।
इस प्लांट से आठ जिलों के 114 गैस एजेंसी संचालकों को गैस सिलिंडर भेजे जाते हैं। फिलहाल चक्का जाम होने से सोमवार और मंगलवार को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति इन जिलों में नहीं हो सकी है। हालांकि अभी गैस एजेंसी संचालक स्टॉक के आधार पर सिलेंडरों की आपूर्ति कर रहे हैं। प्रतिदिन करीब 100 ट्रक इस प्लांट से निकलते हैं।
दूसरी ओर से चक्का जाम के लिए गुजरात से गैस से भरे कैप्सूल वाले ट्रक भी प्लांट पर नहीं आ रहे हैं। प्लांट पर वर्तमान में तीन दिन का स्टॉक उपलब्ध है। एक कैप्सूल में करीब 18 टन गैस भरकर आती है। जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव राज यादव ने बताया कि प्लांट प्रबंधन से वार्ता हुई है। प्लांट के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि प्लांट से अनुबंधित ट्रक आपूर्ति लेकर निकल रहे हैं, लेकिन निजी वाहन चालक उन्हें निकलने नहीं दे रहे हैं। इसके चलते आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
- 114 गैस एजेंसियों को प्लांट से होती है सिलिंडरों की आपूर्ति।
- 40 हजार सिलिंडर प्रतिदिन भेजे जाते हैं इन जिलों को।
- 18 टन क्षमता के 30 कैप्सूल वाले ट्रक गुजरात से आते हैं प्रतिदिन।
- 100 ट्रक प्रतिदिन निकलते हैं प्लांट से।
जिले में गैस एजेंसियों की स्थिति
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