हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने धारा 308, 323, 504, 506 के आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने धारा 308 में तीन वर्ष के सश्रम कारावास और छह हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने व्यवस्था दी है अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोतवाली सहपऊ में 15 मार्च, 2001 को अनूप सिंह निवासी नगला बैरू ने तहरीर दी कि उसकी चाची शांति देवी और बलवीर सिंह का जमीन का विवाद था। इसको लेकर 15 मार्च, 2001 को दोपहर करीब दो बजे दिन में उसकी चचेरी बहन शीला देवी गांव में आई थी। वह बलवीर पुत्र सरनाम सिंह के मकान के सामने से निकल रही थी। इस दौरान बलवीर और उसकी लड़की अनीता ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। आरोप था कि बलवीर ने जान से मारने की नीयत से उसकी बहन के सिर में कुल्हाड़ी मारी और डंडों से मारापीटा, जिससे उसके चेहरे पर काफी गंभीर चोटें आईं। न्यायालय ने सजा के बिंदु पर सुनवाई करने के साथ ही यह भी निर्णय दिया कि पूर्व में अभियुक्त की जेल में बिताई गई अवधि भी सजा में शामिल होगी। जुर्माने की धनराशि जमा होने पर जुर्माने की 70 प्रतिशत धनराशि चुटैल शीला देवी को प्रतिकर के रूप में दी जाए। वादी की ओर से पैरवी एडीजे डीवी सिंह ने की।