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जब्त होगी चतुरा की करोड़ों की संपत्ति

Sat, 16 Apr 2016 11:33 PM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
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सट्टा कारोबारी चतर्भुज उर्फ चतुरा पुलिस हिरासत में व खुलासा करते एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। सट्टा माफिया चतुर्भुज गुप्ता उर्फ चतुरा की करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की जाएगी। एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा के मुताबिक यह संपत्ति माफिया ने सट्टे के काले कारोबार से अर्जित की है। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत माफिया की संपत्ति को जब्त किया जा सकता है। एसपी के मुताबिक माफिया की संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद इसे जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अभी तक पुलिस को चतुरा के सिद्धार्थ नगर स्थित दो मंजिला घर, कोका कोला एजेंसी, प्लांट, मेंडू रोड स्थित लखन किशन मैरिज होम और मेंडू के पास आम के बाग के बारे में ही पता है। 
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शुक्रवार देर शाम अलीगढ़ रोड पर पिछले दस दिनाें से फरार चतुरा की गिरफ्तारी के बाद एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने शनिवार दोपहर को प्रेसवार्ता कर चतुरा के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा सामने रखा। एसपी ने कहा कि सट्टे के कारोबार से माफिया ने करोड़ों की संपत्ति इकट्ठी की है। इस संपत्ति को जब्त करने में अन्य विभागों की मदद भी लेनी होगी। एसपी ने बताया कि चतुरा पर 30 मुकदमे दर्ज हैं। हत्या, लूट, छेड़छाड़, मारपीट, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट, हरिजन एक्ट, एनडीपीएस और जुआ, सट्टा आदि के आरोप में उस पर यह मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उसका काला कारोबार हाथरस के अलावा आसपास के जिलों में भी फैला हुआ है। 1992 में पहली बार चतुरा पर हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। हाल ही में उस पर तीसरी बार गैंगस्टर लगाया गया और उसे सट्टा माफिया घोषित किया गया। 

रिक्शे में बर्फ  बेचने वाला कैसे बना माफिया
एसपी ने बताया कि चतुरा पहले रिक्शे में बर्फ बेचता था। उसके रिश्तेदार सट्टे का काम करते थे। 1996 में चतुरा ने पहली बार सौ रुपये का सट्टा लगाया। इसके बाद वह सट्टेबाजों के लिए लाइजनर का काम करने लगा और इस तरह से धीरे-धीरे सट्टे के काले धंधे में उसकी जड़ें मजबूत होती गईं। 
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ढाई दर्जन सहयोगियों पर कार्रवाई की तलवार
एसपी ने कहा कि चतुरा के गोरखधंधे में उसका सहयोग करने वाले ढाई दर्जन लोगों की एक लिस्ट तैयार की गई है। इसमें कई सफेदपोश हैं। पुलिस और अन्य विभागों के अलावा हर वर्ग के लोग चतुरा को संरक्षण देने में शामिल हैं। एसपी ने कहा कि सट्टे का काम कराने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जा रही है। इनका जल्द ही ट्रांसफर किया जाएगा और विभागीय जांच शुरू की जाएगी। बाकी विभागों के जिन लोगों के विरुद्ध सुबूत मिले हैं, उनके विभाग के मुखिया को शिकायत की जाएगी। एसपी ने कहा कि सभी के विरुद्ध ज्यादा साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि सभी के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकेगी। 

पुलिस टीम को इनाम, सम्मान होगा
एसपी के मुताबिक चतुरा को पकड़ने वाली पुलिस टीम को जल्द ही सम्मानित किया जाएगा। इस टीम में थाना हाथरस गेट के एसओ केपी सिंह, सर्विलांस प्रभारी अजय कौशल और बिसावर चौकी इंचार्ज सुधीर राघव शामिल थे। तीनों को दस हजार रुपये का इनाम देने का भी ऐलान किया गया है। 


अब कॉल सेंटर के विरुद्ध अभियान: एसपी
सट्टा कारोबार के किंग चतुर्भुज गुप्ता उर्फ चतुरा को दबोचने के बाद जिले में जल्द ही बाकी सटोरियों की भी शामत आने वाली है। एसपी के मुताबिक सट्टे के कारोबार को कुछ ही समय में पूर्ण रूप से बंद करा दिया जाएगा। इसके बाद कॉल सेंटरों के विरुद्ध अभियान चलाया जाएगा जो लोगों के साथ ठगी कर जिले की छवि को खराब कर रहे हैं। एसपी ने बताया कि वह नशे के कारोबार और शराब की तस्करी रोकने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। मालूम हो कि चतुरा के आठ सहयोगियों को अभी तक जेल भेजा जा चुका है। जहां तक सट्टे के कारोबार का सवाल है तो पिछले दो महीने में 37 सटोरियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। 

अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई सराहनीय
हाथरस। सादाबाद विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयपाल शर्मा को जिले में नासूर बन चुके सट्टे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करने पर उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक हर प्रकार के अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें, जिससे जिले में अपराधियों का सफाया किया जा सके। उन्होंने कहा कि चतुरा के सट्टा कारोबार में सहयोग करने वाले राजनेताओं व अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी विधिवत रूप से कार्रवाई हो। जिससे भविष्य में जिले में इस गंदगी को अपने गले लगाने की कोई भी राजनेता व अन्य लोग कोशिश न करें।
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