सादाबाद। गांव ऊंचागांव में शनिवार को हुए विद्युत हादसे में एक विद्युत संविदाकर्मी की मौत हो गई। संविदाकर्मी शटडाउन लेकर फीडर पर काम कर रहा था। इसी दौरान लाइन में करंट चालू हो गया। मौत से गुस्साए संविदाकर्मी के परिजन व ग्रामीणों ने बिजली दफ्तर का घेराव कर लिया। दफ्तर में अफसर व कर्मियों के न मिलने पर जमकर हंगामा काटा और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। गांव ऊंचागांव सुसाइन निवासी अनिल कुमार पुत्र नारायण सिंह विद्युत विभाग में संविदाकर्मी था। शनिवार की सुबह वह गांव धानौटी में रसमई बिजलीघर से शट डाउन लेकर एक फीडर पर काम करने के लिए चढ़ा था, इसी दौरान आए करंट ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। वह बुरी तरह से झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि ग्रामीणों का कहना था कि अनिल शनिवार की सुबह करीब सात बजे घर से निकला था। इसी दौरान वह रास्ते में टूटे तार की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस हादसे से परिजनों में हाहाकार मच गया। परिजन व ग्रामीण मृतक अनिल के शव को सीएचसी पर ले गए यहां पुलिस ने ग्रामीणों से घटना के बारे में जानकारी ली और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इसके बाद भी मृतक के परिजन व ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। काफी ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर बिजली दफ्तर पर पहुंच गए। ग्रामीणों के आने की भनक बिजली अफसरों व कर्मियों को पहले ही लग गई, जिस के बाद वह दफ्तर को छोड़ कर भाग गए। ग्रामीणों को दफ्तर में जब कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं मिला तो उन्होने जमकर हंगामा और नारेबाजी की। ग्रामीण एसडीओ के बंद दफ्तर के सामने धरना देकर बैठ गए। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी और रालोद प्रदेश सचिव गुड्डू चौधरी ने एक्सईएन मुकेश कुमार और अन्य विद्युत अफसरों से फोन पर बातचीत की और ग्रामीणों को बिजली अफसरों की तरफ से आश्वासन दिया कि मृतक के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। -------- कोई तार नहीं टूटा था। घटना रसमई बिजलीघर के एसएसओ की लापरवाही से हुई है। एसएसओ ने संविदा कर्मचारी द्वारा मांगे गए फीडर पर शट डाउन देने की बजाय किसी और फीडर पर दे दिया। इससे उसकी मौत हो गई। एसडीओ को मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। मुकेश कुमार, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड चतुर्थ, सादाबाद। ---------