मृतका रेनू के पुत्र और पुत्री, जिन्होंने मुख्य न्यायधीश को पत्र लिखा है।
- फोटो : amar ujala
मोहल्ला नौरंगाबाद में 11 मई 2017 को घर पर अकेली महिला रेनू की हत्या और लूटपाट के मामले में आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग उनके बच्चों ने चीफ जस्टिस से की है। बच्चों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, हाईकोर्ट और मुख्य न्यायाधीश, डिस्ट्रिक्ट जज को लिखे पत्र में कहा है कि अंकल आरोपियों को जमानत न दी जाए, बल्कि उन्हें फांसी की सजा सुनाई जाए।
मृतका के पुत्र कुनाल वार्ष्णेय (15 वर्ष) एवं पुत्री काजल वार्ष्णेय (13) ने पत्र में लिखा है कि अंकल हमारी मां रेनू वार्ष्णेय पत्नी मनोज वार्ष्णेय 11 मई को घर में अकेली थीं। हम सब स्कूल में थे। पड़ोसी सचिन शर्मा पुत्र अश्विनी शर्मा, धीरज शर्मा पुत्र कैलाश पाठक दिनदहाड़े घर में घुस आए। दोनों लोग मिलकर लूटपाट करने लगे। विरोध करने पर इन लोगों ने मां की गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी घर से लाखों की नगदी एवं जेवरात लूटकर ले गए। पुलिस ने कड़ी मेहनत कर राज खोल दिया। सचिन, धीरज को माल सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
अंकल अब आरोपियों के परिजन धमकी देते हें कि केस में पैरवी बंद नहीं को तो हमारे लड़के जमानत पर आकर सबक सिखाएंगे। हमारे पापा दुकान पर चले जाते हैं तब हम भाई-बहिन घर पर अकेले रहते हैं। हमें अब आरोपियों की धमकियों से बहुत डर लगता है।
अंकल आपसे निवेदन है कि आरोपियों को जमानत न दी जाए बल्कि उन्हें फांसी की सजा सुनाई जाए।