थाना क्षेत्र के गांव विलारा के समीप एक नवंबर को गांव नगला छत्ती निवासी चांदी कारोबारी सुखवीर से हुई 7.90 लाख रुपये की लूट के मामले में मंगलवार को पुलिस ने दो और आरोपियों को पकड़ लिया है। आरोप है कि इन दोनों ने कुख्यात विनोद जाट से मिलकर लूट की साजिश रची थी।
पुलिस का कहना है कि यह दोनों युवक बिसावर अड्डे से भागने की फिराक में थे। इन दोनों से लूट की रकम के 18 हजार रुपये भी बरामद हुए हैं। पकड़ा गया दुर्गेश पुत्र महेश पीड़ित कारोबारी सुखवीर के यहां नौकरी करता था। दूसरा युवक अजीत दुर्गेश का दोस्त है।
सादाबाद थाना प्रभारी केपी सिंह ने बताया कि मंगलवार को पकड़े गए दोनों युवक चांदी कारोबारी से लूट की साजिश में शामिल थे। एक नवंबर को नगला छत्ती निवासी अजीत पुत्र हरस्वरूप ने दुर्गेश और सतीश को सूचना दी थी कि सुखवीर दस लाख रुपए लेकर आएंगे।
सतीश ने इन तीनों की बात कुख्यात विनोद जाट से कराई और पूरा प्लान समझाया था। विनोद जाट ने इस मुखबिरी के बदले उन्हें एक-एक लाख रुपये देने को कहा था। दुर्गेश कारोबारी सुखवीर का नौकर था। दुर्गेश, अजीत और सतीश एक साथ क्रिकेट खेलते थे। पुलिस ने अब बिसावर अड्डा से अजीत और दुर्गेश को गिरफ्तार किया है।
अजीत के कब्जे से लूट के रुपयों में से 10 हजार और दुर्गेश से आठ हजार रुपये बरामद किए गए हैं। लुटेरों ने विलारा गांव से पहले सुखवीर की बाइक में स्कॉर्पियो कार से टक्कर मारकर उससे रुपयों से भरा बैग लूट लिया था।