हाथरस। चक्की बाजार में आगरा के कपड़ा व्यापारी से लूट की कोशिश और फायरिंग के बाद शहर कोतवाली पुलिस ने रविवार को आगरा पहुंचकर व्यापारी से मुलाकात करने की कोशिश की। घटना के बाद व्यापारी राकेश अग्रवाल बिना पुलिस को शिकायत किए आगरा चले गए थे। हालांकि पुलिस की यह कोशिश रंग नहीं लाई। व्यापारी ने पहले फोन पर बात की। अपनी तबियत खराब होने की बात कही। बाद में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया और अपना फोन भी बंद कर लिया।
दरअसल, सदर कोतवाली पुलिस यह जानना चाहती थी कि हमला क्यों किया गया। क्या हमलावरों से व्यापारी की पुरानी रंजिश थी? क्या वह हमलावरों को जानता था? ऐसे कई सवाल थे, जो पुलिस के लिए अनसुलझे थे और इनका जवाब मिलने पर और कई वारदातों के रहस्य से पुलिस पर्दा उठा सकती थी। आगरा पहुंचे दरोगा महेश गौतम ने वहां व्यापारी को फोन कर उनके घर का सही-सही पता जानने की कोशिश की। पहली बार व्यापारी ने बात की। इसके बाद उनके बेटे ने बात की। कुछ देर बाद दरोगा का फोन उठाना बंद कर दिया और बाद में फोन स्विच ऑफ कर लिया। जानलेवा हमले से दहशत में आए व्यापारी ने पुलिस को केवल इतना बताया कि उसकी हालत ठीक नहीं है। वह डॉक्टर से अपना उपचार करा रहे हैं। उनका घर कमला नगर में है या नेहरू कॉलोनी में, वह नहीं बता सकते। उन्हें पुलिस में कोई शिकायत नहीं करनी है।
अगर व्यापारी इस मामले में कोई शिकायत करते हैं तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की छानबीन की जा रही है।
मनोज शर्मा, कोतवाली निरीक्षक हाथरस