एडीजे प्रथम डॉ. एके विश्वेश के न्यायालय ने नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी को दोष सिद्ध माना है। न्यायालय ने उक्त आरोपी को तीन वर्ष के कारावास एवं 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
सदर कोतवाली में इस मामले में 12 फरवरी 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें आरोप था कि बीएससी प्रथम वर्ष की छात्र शहर के चक्की बाजार से गुजर रही थी। उसी समय आरोपी रमनपुर नई बस्ती निवासी नितिन चौहान ने उसके साथ छेड़छाड़ की। आरोप था कि उक्त युवक असामाजिक तत्व है। जो आए दिन युवती को आते जाते वक्त बदतमीजी करता रहा है। जब इससे इसका विरोध किया तो उक्त आरोपी ने युवती के परिजनों को भविष्य में देख लेने की धमकी भी दी। इस दौरान उसने युवती व उसके परिजनों को जान से मारने की बात कहते हुए पिस्तौल भी दिखाई।
पुलिस ने इस मामले की जांच कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। किंतु आरोपी की ओर से आरोपों को नकारा गया। इसके बाद न्यायालय में दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना। इस दौरान वादी की ओर से एडीजीसी हरिओम शर्मा एवं वादी के निजी अधिवक्ता प्रशांत कमल पाराशर द्वारा अभियोजन की ओर से प्रस्तुत किए साक्ष्यों का आरोपी के अधिवक्ता खंडन नहीं कर सके। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को आईपीसी की धारा 354 में तीन वर्ष का कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड, आईपीसी की धारा 354ए में तीन वर्ष का कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड एवं पोक्सो अधिनियम में तीन वर्ष के कारावास एवं 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी।