जैन मंदिर में वह जगह जहां प्राचीन मूर्तिया विराजमान है।
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हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव बरवाना स्थित प्राचीन श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चोरों ने बुधवार रात सेंध लगा दी। चोर अष्टधातु की तीन प्राचीन मूर्तियां चोरी कर ले गए। छत पर लगे लोहे के जाल के रास्ते चोर मंदिर के अंदर घुसे। सुबह जब श्रद्धालुओं ने मंदिर से मूर्तियाें को गायब देखा तो उनके होश उड़ गए। पुलिस ने डॉग स्क्वायड, फील्ड यूनिट के साथ घटना स्थल के जांच-पड़ताल की।
बरवाना स्थित जैन मंदिर में जैन संप्रदाय के 23वें तीर्थकर भगवान पार्श्वनाथ की पत्थर से बनी प्राचीन प्रतिमा स्थापित है। जैन मतावलंबी इस प्रतिमा को सैकड़ों साल पुराना और चमत्कारी बताते हैं। पार्श्वनाथ की इसी प्रतिमा की वजह से मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र को श्रद्धालु अतिशय क्षेत्र मानते हैं। मंदिर में इस प्रतिमा के पास ही अष्टधातु की बनी भगवान महावीर स्वामी, श्री चंद्राप्रभु भगवान व चौबीसौं तीर्थकर की वेश कीमती मूर्तियां स्थापित थीं। श्रद्धालुओं के मुताबिक तीनों मूर्तियां जमीन से खुदाई से निकली थी।
चोरों ने तीनों मूर्तियों को चोरी कर लिया। घटना को देखकर ऐसा लग रहा है कि चोरी से पहले मंदिर की रेकी भी की थी। पुलिस के मुताबिक मंदिर की छत पर लगे लोहे के जाल में एक दरवाजा है, जिसका ताला खुला रहता है। चोरों को इसकी जानकारी थी। वह इसी के जरिए मंदिर में घुस गए। इसके बाद मंदिर के ताले तोड़कर तीनों मूर्तियों को चोरी कर ले गए। हैरत की बात यह है कि चोरों ने मूर्तियों के ऊपर लगे सोने, चांदी के छत्र, गुल्लक, चांदी आदि के बर्तन चोरी नहीं किए। अंदेशा है कि चोरों को इन छत्रों के सोने, चांदी का होने की जानकारी नहीं थी। चोरी की सूचना पर हाथरस जंक्शन एसओ मोहम्मद असलम मौके पर पहुंचे। इसके बाद सीओ सिकंदराराऊ आशीष प्रताप सिंह भी आ गए। देर तक पुलिस मामले की छानबीन में जुटी रही। मंदिर की देखरेख करने वाले गांव के जगदीश शरण जैन की शिकायत पर पुलिस ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।