जिले के रोजगार कार्यालय में तैनात रहे एक बाबू ने नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने बैंक में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी दिलाने के लिए पांच लाख रुपये लिए थे। नौकरी न लगने पर धीरे-धीरे डेढ़ लाख रुपये लौटा दिए और फिर अपना ट्रांसफर कराकर आरोपी चला गया। पीड़ित पिता ने सदर कोतवाली पुलिस से मदद की गुहार लगाई है, लेकिन पुलिस ने अभी पीड़ित का मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
इगलास थाना क्षेत्र के गांव तोछीगढ़ के रहने वाले नारायण सिंह की मुलाकात ढाई साल पहले रोजगार कार्यालय में एक बाबू से चाय की दुकान पर यूं ही हुई थी। बेटे सतीश की बेरोजगारी का जिक्र करने पर बाबू ने उसकी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। बाबू और नारायण सिंह की फोन पर बात होती रही। एक दिन बाबू ने नारायण सिंह से कहा कि बैंक में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के लिए नौकरियां निकली हैं, रोजगार कार्यालय से नाम मांगे गए हैं।
बाबू ने सतीश का नाम भेजने की बात कही और इंटरव्यू में पास कराने का भरोसा दिलाते हुए पांच लाख रुपये मांग लिए। इसके बाद दो बार में पैसे दे दिए गए। फर्जी कॉल लेटर में दिए गए पते पर जब नरायन सिंह और सतीश आगरा पहुंचे तो वहां इस तरह का कोई इंटरव्यू न देखकर उनके होश उड़ गए। नरायन सिंह के दबाव बनाने पर आरोपी ने 50 हजार रुपये का चेक और एक लाख रुपये नकद लौटा दिए। इसके बाद भी वह रकम लौटाने का भरोसा दिलाता रहा। जनवरी 2017 में आरोपी ने दूसरे जिले में अपना ट्रांसफर करा लिया। सदर कोतवाल सूर्यकांत द्विवेदी का कहना है कि आरोपी बाबू को कई बार फोन किया गया है। वह यहां आकर अपनी बात नहीं रख रहा। बाबू का पक्ष जानने की कोशिश पुलिस कर रही है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा।