सादाबाद। गांव वेदई में हुई हत्या के पीछे सिर्फ गांव के मेले के कुश्ती दंगल में हुई कहासुनी ही नहीं, बल्कि ग्राम प्रधान चुनाव की रंजिश भी निकल सामने आ रही है। हालांकि ग्रामीणों को यह मालूम नहीं था, कि यह कहासुनी और रंजिश इतना बड़ा रूप ले लेगी।
बताते हैं कि थाना क्षेत्र के गांव वेदई में शुक्रवार को लगे मेले में कुश्ती दंगल के दौरान दंगल में आए अतिथियों का स्वागत करने को लेकर पूर्व एवं वर्तमान प्रधान पक्ष के लोगों में कहासुनी हो गई, कहासुनी के बाद गांव के लोगों ने मामले को शांत करा दिया, लेकिन दंगल में हुई कहासुनी व पिछले दिनों व उससे पहले हुए प्रधानी के चुनावों को लेकर दोनों पक्षों में काफी प्रतिद्वंद्विता थी। पिछले प्रधानी के चुनाव में तिलक सिंह की पत्नी मिथलेश देवी को हराकर प्रदीप चौहान एडवोकेट प्रधान चुने गए थे। इस बार हुए ग्राम प्रधान चुनाव में मिथलेश देवी प्रधान का चुनाव जीत गईं और प्रदीप चौहान चुनाव हार गए। लेकिन इस हार जीत की आग अंदर अंदर ही सुलग रही थी। हुआ ये कि दंगल में पूर्व प्रधान प्रदीप चौहान और प्रधान पक्ष के बीच हुई कहासुनी ने बड़ा रूप धारण कर लिया और और शनिवार को पूर्व प्रधान के भाई की हत्या कर दी गई।
गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला गांव
सुबह करीब पौने आठ बजे जैसे ही नामजदों ने पूर्व प्रधान के घर के बाहर फायरिंग करना शुरू किया, वैसे ही पूरे गांव में खलबली मच गई। सुबह-सुबह शांत माहौल में फायरिंग की तड़तड़ाहट से पूरा गांव दहल गया। मौके पर जब गांव के लोग पहुंचे तो जमीन पर मृत हालत में पडे़े रवेंद्र को देखकर उनमें हड़कंप मच गया। आसपास के गांव के लोग भी मौके पर आ गए।
करुणक्रंदन से माहौल गमगीन, नहीं जले चूल्हे
फायरिंग में रवेंद्र की मौत के बाद परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। सिर्फ परिजनों की आंखों से ही नहीं, बल्कि गांव के अन्य लोग व महिलाओं की आंखों से आंसू बह रहे थे। हर कोई गम के माहौल में डूबा था। गांव में शाम को चूल्हे भी नहीं चले।
- नामजदों की तरफ से चलाई गई गोली रवेंद्र के सीने में लगी है। मौके पर ही उसकी मौत हो गई, जबकि इसी फायरिंग के दौरान वृद्ध किशोरी के सीने में भी छर्रे लगे, इससे वह घायल हो गया। - नरेंद्र देव, सीओ, सादाबाद
- घटना स्थल पर मिले कारतूस के खाली खोखे को अपने कब्जे में ले लिया। घटना के बाद गांव में तनाव जैसी कोई स्थिति नहीं है। - महेशचंद यादव, एसओ, सादाबाद