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कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगाकर दी जान

Fri, 29 Apr 2016 10:55 PM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
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किसान की मौत पर विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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सासनी (हाथरस)। कर्ज के बोझ तले दबे क्षेत्र के ग्राम ततारपुर-छौंक में एक किसान ने फांसी के फंदे पर झूलकर अपनी जिंदगी खत्म कर दी। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरा की कुंडी तोड़कर शव को बाहर निकला। पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है, लेकिन प्रशासन का कोई भी अफसर पीड़ित परिवार के आंसू पोंछने नहीं पहुंचा है। 
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बताते हैं कि ग्राम ततारपुर निवासी करीब 54 वर्षीय रूपकिशोर पुत्र ख्यालीराम के पास 25 बीघा कृषि भूमि थी। वह खेतीबाड़ी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। परिजनों के मुताबिक रूपकिशोर ने ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त की शाखा सलेमपुर से करीब चार लाख रुपये कृषि ऋण ले रखा था। परिजनों का कहना है कि लगातार दो साल से फसल चौपट हो जाने के कारण वह बैंक लोन अदा नहीं कर पाए थे, जबकि बैंक से उन पर कर्ज अदायगी के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। पिछले साल उसने अपनी पुत्री की शादी भी की थी। परिजनों के मुताबिक खेती के अलावा परिवार की आय का दूसरा कोई साधन नहीं था। इस कारण उसे कर्ज अदायगी का कोई दूसरा जरिया नजर नहीं आ रहा था। परिजनों ने बताया कि कर्ज के कारण रूपकिशोर कई दिन से मानसिक रूप से परेशान था। रोजाना की भांति गुरुवार की देर रात परिजन खाना खाने के बाद सो गए। शुक्रवार की सुबह जागने पर देखा तो अंदर से कमरा बंद था। कमरे के अंदर पंखे पर रूपकिशोर का शव लटका हुआ था। शव लटका देख परिजनों की चीख निकल गई। शोरगुल सुनकर ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंच गई। घटना से पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने गांव पहुंचकर शव फंदे से उतरवाकर कमरे से बाहर निकाला। पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
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इस मामले को गंभीरता से दिखवाया जाएगा। अधिकारियों को भेजकर जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- धर्मेंद्र सिंह, एडीएम हाथरस
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