आयुर्वेदिक दवा बनाने वाली हाथरस की एक फर्म ने बरेली की दवा कंपनी पर दस लाख रुपये की आयुर्वेदिक दवाएं हजम करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
हाथरस की डेस्टिनी नैनो टेक फार्मा प्राइवेट लिमिटेड के मालिक दिनेश पाठक पुत्र रामकुमार पाठक का कहना है कि बरेली की शुभि एंटरप्राइजेज ने उनसे दस लाख रुपये की दवाएं खरीदी थीं। एक मई 2015 को डील होने के बाद शुभि एंटरप्राइजेज से संजय, संदीप और सिद्धार्थ मिश्रा नाम के तीन लोग यहां आए थे।
तीनों ने खुद को कंपनी का कर्ताधर्ता बताया था। आरोपी दस लाख रुपये की दवाएं अपने साथ ले गए थे और एक महीने में भुगतान करने का भरोसा दिलाया था। कई महीने बीतने के बाद भी आरोपियों ने भुगतान नहीं किया और टालमटोल करते रहे।
हाल ही में जब पाठक ने फोन पर आरोपियों से बात की तो उन्होंने भुगतान करने से मना कर दिया। हाथरस गेट एसओ केपी सिंह का कहना है कि कंपनी की मालिक शुभि, संजय, संदीप और सिद्धार्थ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।