सट्टे का गोरखधंधा करने के आरोपी चतुर्भुज गुप्ता उर्फ चतुरा पर सदर कोतवाली पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। ऐसा चौथी बार है, जब चतुरा के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर लगाया है। चतुरा पर अब तक 32 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। गैंगस्टर के अलावा चतुरा के विरुद्ध दो बार गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।
सदर कोतवाल जेएस पवार ने बताया कि पुलिस ने 18 जून को खातीखाना स्थित एक घर पर छापा मारकर बड़ा सट्टा पकड़ा था। पुलिस के पहुंचते ही चतुरा आवास-विकास कॉलोनी निवासी अरविंद सुनार को लेकर दूसरे रास्ते से भाग निकला था। पुलिस ने चतुरा के साथी बॉबी ठाकुर पुत्र राधेश्याम को दबोच लिया था और सट्टे के आरोपों में कई बार जेल जा चुका भोला भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। कोतवाली पुलिस ने मौके से पवन पुत्र रज्जो निवासी भूरापीर और नगरिया नंदराम निवासी विष्णु पुत्र भगवती को भी दबोचा था। इस मामले में चतुरा, अरविंद, बॉबी, भोला, पवन और विष्णु को आरोपी बनाते हुए जुआ अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
कोतवाली पुलिस ने मौके से सट्टे की पर्चियां, रजिस्टर और खाईबाड़ी में लगाए गए एक लाख तीन हजार रुपये बरामद करने का दावा किया था। फरार चतुरा को हाथरस गेट पुलिस ने 18 जुलाई को एक किलो स्मैक के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया था और उसके बाद जेल भेज दिया था। पुलिस ने अब कई महीने बाद इसी मामले में चतुरा समेत सभी छह आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर की कार्रवाई की है। कोतवाल का कहना है कि चतुरा के अलावा पवन, विष्णु, भोला, बॉबी और अरविंद पर भी गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है।