कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव नगला नंदू में रविवार सुबह साढ़े छह बजे एक शख्स की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। युवक मानसिक रूप से परेशान था। हालांकि उसके परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने और किसी तरह की कानूनी कार्रवाई करने से इंकार कर दिया।
ग्रामीणों के मुताबिक नगला नंदू के रहने वाले संतोष गांव में हुई रामायण में शनिवार रात को जागे थे और सुबह होने पर रेलवे ट्रैक पार कर शौच का जा रहे थे तभी हाथरस की ओर से आ रही पैसेंजर ट्रेन ने संतोष के परखच्चे उड़ा दिए। हादसे के बाद ट्रेन को रोक दिया गया और गार्ड मुश्ताक अहमद ने इस बारे में कोतवाली हाथरस गेट को सूचना दी। गार्ड ने किसी अज्ञात शख्स के ट्रेन की चपेट में आने की बात कही।
इसके बाद ट्रेन रवाना हो गई। पुलिस ने क्षतिग्रस्त शव को कब्जे में लिया और शिनाख्त होने पर परिजनों को सूचित किया। मौके पर पहुंची संतोष की पत्नी ने किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया। उन्होंने पुलिस को बताया कि संतोष बीते काफी समय से मानसिक रूप से परेशान में था। हालांकि तनाव में होने का कोई कारण परिजनों ने नहीं बताया। परिजनों ने यह भी बताया कि संतोष की किसी से कोई रंजिश नहीं थी और उनकी मौत में किसी की कोई भूमिका नहीं है। परिजनों के पोस्टमार्टम न कराने की बात पर पुलिस ने शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।