कोतवाली के गांव जुल्हापुर और एटा जिले के गांव त्रिलोकपुर के ग्रामीणों के मध्य रास्ते के विवाद को लेकर रविवार की दोपहर जमकर संघर्ष हुआ। दोनों पक्षों में मारपीट, आगजनी और गोलीबारी हुई। करीब दो घंटे तक इलाके में हिंसा का यह नंगा नाच चलता रहा। छर्रे लगने से दो युवक घायल हो गए हैं।
एक पक्ष ने गांव जुल्हापुर के किसानों के खेतों में पड़ी लाहा की सूखी फसल, भूसे की बुर्जी व झोपड़ी आदि जलाकर राख कर दीं। झोपड़ी में लगी आग से एक महिला भी झुलस गई। मौके पर पहुंचे सिपाही और होमगार्ड से भी ग्रामीणों ने मारपीट कर रायफल छीन ली। बाद में कई थानों की पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ा। तनाव को देखते हुए इलाके में पुलिस बल तैनात कर दी गई है।
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जुल्हापुर और त्रिलोकपुर की भौगोलिक स्थिति काफी अजीब है। गांव जुल्हापुर का आबादी क्षेत्र कोतवाली सिकंदराराऊ में है, जबकि इस गांव के खेत थाना मारहरा जिला एटा की सीमा में हैं। रविवार की सुबह जुल्हापुर का राजू पुत्र सनेही अपनी पत्नी के साथ अपनी ससुराल ढोलना कासगंज जा रहा था। रास्ते में पड़ने वाले भट्ठे पर कुछ लोगों ने उसकी गाड़ी रोक ली और दंपती से मारपीट कर दी। यह सूचना जैसे ही जुल्हापुर पहुंची, ग्रामीण शोर मचाते हुए घटनास्थल की तरफ दौडे़। गांव त्रिलोकपुर और लालपुर के भी सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठे होकर आ गए और गांव जुल्हापुर के ग्रामीणों के खेतों में पड़ी भूसे की बुर्जियां, कटी पड़ी लाहा की फसल और झोपड़ियों में आग लगा दी।
जुल्हापुर के कुछ लोगों की झोपड़ियां खेतों में थीं। उन्होंने बचाने की कोशिश की तो दूसरे पक्ष ने उन्हें भी पीट दिया। जुल्हापुर निवासी युवक रवि पुत्र राजवीर , मुकेश पुत्र रमेश के छर्रे लग गए। भगवान सिंह ने जब हमलावरों को रोका तो उन्हें मारपीट कर घायल कर दिया गया। झोपड़ी में लगी आग की चपेट में आकर भगवान देवी झुलस गईं। इधर, एटा जिले की मारहरा पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई, लेकिन कम संख्या में होने के कारण गोलीबारी नहीं रोक पाई। मारहरा पुलिस के सिपाही केशव और होमगार्ड देशराज के साथ भी उपद्रवियों ने मारपीट कर दी। होमगार्ड के कब्जे से आरोपी रायफल छीनकर ले गए, जिसे बाद में हाथरस और एटा जिले के आधा दर्जन थानों की पुलिस ने तलाशी लेकर बरामद किया।
घटना के बाद सिकंदराराऊ के सीओ आशीष प्रताप सिंह और कोतवाल मनोज शर्मा फोर्स के मौके पर पहुंच गए। उधर, एटा जिले के थाना मारहरा एटा में होने के कारण सीओ सदर एटा गुरमीत सिंह, इंस्पेक्टर मारहरा विजय बहादुर फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। सिकंदराराऊ के अलावा एटा जिलों के कई थानों की फोर्स मौके पर बुला ली गई। तब जाकर मामला शंात हो सका।