सांसद प्रतिनिधि मुकेश पौरुष की मौत के मामले में उनके परिजनों के जांच अधिकारी पर भरोसा न जताने पर इस मामले की जांच अब सीओ सिटी करेंगी। सांसद राजेश दिवाकर के मुताबिक उन्होंने भी डीएम से मिलकर जांच अधिकारी बदले जाने की मांग की थी। इसके बाद गुुरुवार को मामले की जांच सदर कोतवाल जसपाल सिंह पंवार से हटाकर सीओ सिटी सुमन कनौजिया को दे दी गई।
सांसद राजेश दिवाकर ने बताया कि मामले की जांच कर रहे कोतवाल जसपाल सिंह पंवार ने आरोपी डॉक्टरों के बयान उन्हें थाने लाकर दर्ज नहीं किए। वहीं दूसरे बयानों को दर्ज करने में भी देरी की गई। सांसद ने साफ तौर पर सदर कोतवाली पुलिस पर आरोपी डॉक्टरों के विरुद्ध नरम रुख अख्तियार करने का आरोप लगाया।
इस मामले में एसपी घुले सुशील ने कहा कि डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल भी उनसे कई बार मिल चुका है और मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग कर चुका है। डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल मामले की निष्पक्ष जांच किसी राजपत्रित अधिकारी से कराने की मांग कर रहा था। वहीं सांसद प्रतिनिधि के परिजनों ने भी जांच अधिकारी बदलने की बात कही थी। इसके बाद गुरुवार को इस मामले में सीओ सिटी को जांच सौंपी दी गई। हालांकि कोतवाल जसपाल सिंह पंवार ने गुरुवार दोपहर को बताया कि वह पूरी तरह से निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। पूरी जांच को उन्हें गोपनीय रखा है। जांच बदले जाने के मामले में उन्हें कोई आदेश नहीं मिला है।
मेडिकल काउंसिल से की जाएगी शिकायत
हाथरस। सांसद राजेश दिवाकर का कहना है कि मुकेश पौरुष की मौत की वजह अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण हुई। अस्पताल में मानकों का उल्लंघन कर मरीजों के जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। मुकेश की हालत बिगड़ने पर अस्पताल में जरूरी जीवन रक्षक उपकरण नहीं थे। इस मामले में वह जल्द ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से शिकायत करेंगे, ताकि यह पता चल सके कि अस्पताल एमसीआई द्वारा तय मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।
सांसद प्रतिनिधि की पत्नी के बयान दर्ज
हाथरस। सांसद राजेश दिवाकर के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में मुकेश पौरुष की पत्नी सुनीता के बयान भी दर्ज किए हैं। सुनीता अस्पताल में अपने पति मुकेश पौरुष के साथ मौजूद थीं। हालत बिगडने से लेकर उन्हें आगरा तक ले जाने के दौरान सुनीता पति के साथ रहीं। सुनीता ने ही सदर कोतवाली में तहरीर देकर अस्पताल प्रशासन पर पति की गैर इरादतन हत्या करने का आरोप लगाया था।