जंक्शन कोतवाली में हत्या की घटना का खुलासा करते सीओ सिकंदाराराऊ
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थाना हाथरस जंक्शन पुलिस ने ई-रिक्शा चालक की हत्या में शामिल उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। अभी ई-रिक्शा चालक की पत्नी और पत्नी का प्रेमी फरार है। पुलिस इन तीनों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक पत्नी ने अपने बेटे और प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति को ठिकाने लगाया था।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने एक छुरा और ई-रिक्शा बरामद किया है।
उल्लेखनीय है कि थाना हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव सलेमपुर में गड्ढे के निकट पुलिस ने ई-रिक्शा चालक मोहन सिंह निवासी टिकारी हाल निवासी सुरंगपुरा थाना हाथरस जंक्शन का शव दो दिन पहले बरामद किया था। शिनाख्त होने के बाद उसके भाई किशनपाल सिंह ने हत्या की रिपोर्ट मोहन सिंह की पत्नी, उसके बेटे और पत्नी के प्रेमी बबलू के खिलाफ दर्ज कराई थी। अब पुलिस ने मोहन सिंह के 19 वर्षीय बेटे गौरव सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
इस बारे में सीओ सिकंदराराऊ और कोतवाली निरीक्षक हाथरस जंक्शन ने बताया कि मोहन सिंह अपने बच्चों के साथ दिल्ली रहता था। वहीं बबलू से उसकी पत्नी सुधा के संबंध हो गए। वह चार साल से बबलू के साथ ही दिल्ली रहती थी। बाद में मोहन सिंह यहां लौट आया था और ई-रिक्शा चलाता था।
मोहन सिंह के छोटे बेटे धीरज की ई-रिक्शा में करंट आने से गांव सुरंगपुरा में 21 अक्तूबर को मौत हो गई थी। तब उसके अंतिम संस्कार में सुधा भी बबलू के साथ आई थी। इन लोगों ने मोहन सिंह के बेटे गौरव को गुमराह किया।
गौरव का कहना था कि उसे उसका पिता काफी मारता-पीटता था। इसके चलते इन तीनों ने मोहन सिंह को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इसी योजना के तहत आरोपियों ने मोहन सिंह को जमकर शराब पिलाई। शराब के नशे में जब वह बेहोश हो गया तो बबलू और मोहन सिंह का लड़का गौरव मोहन सिंह को मेंडू नहर की पटरी पर लेकर आ गए। वहां बबलू ने मोहन सिंह को दबोच लिया और उसके बेटे गौरव के हाथ में छुरा दे दिया।
इसके बाद गौरव ने छुरे से अपने पिता की गर्दन रेत दी। तदुपरांत यह लोग ई-रिक्शा में ले जाकर उसके शव को सलेमपुर में गड्ढे के निकट फेंक आए। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त छुरा व ई-रिक्शा बरामद कर लिया है। शेष आरोपियों की तलाश कर रही है।