हाथरस। एक हफ्ते पहले बहला-फुसलाकर ले जाई गई युवती ने कोर्ट में जो बयान दिए, उससे पांचों आरोपियों को बड़ी राहत मिल गई है। इनमें से एक आरोपी जेल की हवा खा रहा है। युवती ने कोर्ट में दिए बयान में कहा है कि वह अपनी मर्जी से गई थी। उसे कोई बहला-फुसलाकर नहीं ले गया था। इसमें किसी का कोई कसूर नहीं। इस बयान के बाद पुलिस केस में फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी कर रही है, जिससे पांचों आरोपियों को राहत मिल जाएगी।
यह युवती 19 मार्च को सदर कोतवाली क्षेत्र से दूसरे समुदाय के एक युवक के साथ चली गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने इस युवक और उसके चार साथियों को धारा 366 के तहत आरोपी बनाया था। हिंदूवादी इस मामले में पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बना रहे थे। इसमें से एक आरोपी नितिन पाठक को पुलिस ने हाल ही में पूछताछ के बाद जेल भेज दिया था। पुलिस की इस कार्रवाई के अगले दिन युवती खुद थाने पहुंच गई थी। कोर्ट में बयान में युवती ने कहा कि वह अपने माता-पिता के पास ही रहना चाहती है। इसके बाद युवती को परिजनों के सुुपुर्द कर दिया गया। पुलिस जेल में बंद नितिन पाठक को रिहा कराने के लिए जल्द ही सीआरपीसी की धारा 169 के तहत कार्रवाई करने जा रही है। उम्मीद है कि तीन-चार दिन में नितिन जेल से रिहा हो जाएगा। सदर कोतवाल मनोज शर्मा का कहना है कि युवती ने अपने बयान में खुद जाने की बात कही है। युवती को उसकी मर्जी के मुताबिक परिजनों के सुपुर्द किया गया है। युवती के बयान के आधार पर ही केस का निस्तारण किया जाएगा।