हाथरस। सट्टा माफिया चतुर्भुज गुप्ता उर्फ चतुरा ने अपने साथी अमित चौहान उर्फ सोनू ठाकुर से मिलकर पुलिस को फंसाने के लिए अपने घर में आग लगाने की साजिश रची थी। दोनों के बीच फोन पर हुई बातचीत के आधार पर पुलिस ने चतुरा, अमित चौहान समेत पांच लोगों के खिलाफ मुुकदमा पंजीकृत किया है। एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा के मुताबिक चतुरा के करीबियों को चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने दबिश के दौरान चतुरा के कारोबार में उसका हाथ बंटाने वाले कथित साथी अमित चौहान को दबिश के दौरान गिरफ्तार किया था। उसके फोन से बरामद सिम में फरार सट्टा माफिया से कई बार की बातचीत रिकॉर्ड थी। इसी में से एक कॉल में चतुरा और अमित चौहान उर्फ सोनू के बीच कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों को फंसाने की बात हो रही है। चतुरा सोनू को उसके घर में आग लगाने और तोड़फोड़ कर पुलिस पर आरोप लगाने की साजिश रच रहा है। बातचीत में सोनू कह रहा है कि घर में पुलिस के आग लगाने और तोड़फोड़ की बात जल्द ही मीडिया की सुर्खियां बन जाएगी और फिर पुलिस को अपने ही पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करना पड़ेगा। पुलिस ने इस मामले में बिना देर किए कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। एसओ केपी सिंह का कहना है कि चतुरा की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। इस साल में चतुरा पर तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। सट्टा माफिया के विरुद्ध और सुबूत मिलने पर पुलिस कड़ी कार्रवाई कर सकती है। मालूम हो कि छह अप्रैल को चतुरा के विरुद्ध पुलिस ने गैंगस्टर के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था। तभी से चतुरा फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है। बीते सालाें में चतुरा के विरुद्ध 30 मुकदमे पुलिस दर्ज कर चुकी है और उसे सट्टा माफिया भी घोषित किया जा चुका है।
नशीले पाउडर के साथ अमित चौहान गिरफ्त में
पुलिस धीरे-धीरे कर चतुरा के काले कारोबार की कमर तोड़ती जा रही है। पुलिस ने दबिश के दौरान अमित चौहान को गिरफ्तार किया। तलाशी में उसके पास से एक किलो नशीला पदार्थ मिला है। इस पदार्थ का जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अमित चौहान पर पहले भी जानलेवा हमला करने और मारपीट के आरोप लग चुके हैं। एसओ केपी सिंह के मुताबिक अमित चौहान चतुरा का दायां हाथ बताया जाता है। वह माफिया के सट्टे के कारोबार को चलाने में उसकी मदद करता है। माफिया चतुरा के साथ उसकी बातचीत का रिकॉर्ड पुलिस के पास मौजूद है।
पता चला है कि चतुरा के सट्टे के अलावा भी कई और गोरखधंधे हैं। उसका नशे के कारोबार से भी जुड़ा होने की जानकारी मिली है। अपराधी के विरुद्ध जैसे-जैसे सुबूत मिलते जाएंगे, हम मुकदमे दर्ज कर उस पर नकेल कसते जाएंगे।
डॉ. अजय पाल शर्मा, एसपी