स्थानीय एसीजेएम न्यायालय में सोमवार को दहेज उत्पीड़न के एक मामले में तीन आरोपियों को तीन साल की सजा सुनाई है। उन पर तीन तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी अदालत ने लगाया है।
कस्बा सादाबाद के मोहल्ला मिर्जापाड़ा की गली अनोड़ा निवासी बाबू भाई ने न्यायालय में एक वाद दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी दो पुत्रियों काजल व रानी का निकाह सगे भाई एजाद व शहजाद पुत्रगण उस्मान निवासी कल्लू-मल्लू का कारखाना कोतवाली सदर मथुरा के साथ 17 जनवरी 2007 को किया था।
दोनों दामाद को एक-एक बाइक, दो लाख रुपए नगद, बीस तोले सोने के आभूषण व एक किलो चांदी के आभूषण सहित घर-गृहस्थी का सामान जिसकी कीमत करीब 10 लाख रुपए थी दहेज में दिया। ससुरालीजन शादी के बाद एक मारुति कार, दो लाख रुपये एवं 10 तोला सोना मांगने लगे। मांग पूरी न होने पर पुत्रियों को घर से निकाल दिया।
अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सोमवार को इस मामले में आरोपी एजाद, शहजाद व अफरोज को तीन-तीन वर्ष कारावास एवं तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास तथा धारा 4 के अंर्तगत एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।