सहपऊ/सादाबाद। सादाबाद कोतवाली के ग्राम बहरदोई में सोमवार की रात को आई एक लड़की की बारात में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब दूल्हे की पहली पत्नी अपने दो बच्चों के साथ परिजनों और पुलिस को लेकर पहुंच गई। उस समय वहां दावत चल रही थी। इन लोगों ने दुल्हन के परिजनों को पूरा वाकया बताया और शादी रुकवा दी। वहां हंगामा शुरू हो गया। बात बढ़ते देखकर बाराती और दूल्हा रात को ही वहां से खिसक लिए। लड़की पक्ष ने दूल्हे के दो भाई और तीन रिश्तेदारों को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया।
ग्राम बरहदोई निवासी पंचम सिंह ने अपनी पुत्री की शादी हाथरस जिले के ग्राम मझोला थाना हाथरस जंक्शन में कैलाश पुत्र चिंरजीलाल के साथ तय की थी। लड़की की बारात सोमवार को गांव में आई थी। रात को हंसी-खुशी के साथ बारात चढ़ी और उसके बाद सभी बाराती दावत खाने में लगे हुए थे। आगे की रस्मों की तैयारियां चल रही थीं कि अचानक एक महिला अपने दो बच्चों, चौकी पुलिस, पिता और अन्य गांव के सदस्यों को लेकर वहां आ गई और उसने लड़की पक्ष को बताया कि उसका नाम गीता है वह कुसवा थाना अवागढ़ जिला एटा की रहने वाली है। जिस लड़के की आप शादी करने जा रहे हो, वह मेरा पति है।
उसके साथ मेरी शादी साल 2008 में हो चुकी है और उससे उसके दो संतान भी हैं। लड़की का कहना था कि यह लोग दहेज के लोभी हैं। मेरा इनके साथ दहेज एवं प्रताड़ित करने का मुकदमा चल रहा है।
लगभग चार साल से वह अपने पिता सोरन सिंह के यहां मेहनत-मजदूरी कर अपना और अपने बच्चों का जीवन-यापन कर रही है। यह सुनकर लड़की पक्ष के लोगों के पैरों तले जमीन निकल गई। साथ में आई पुलिस ने शादी रुकवा दी। पहले तो लड़की पक्ष एवं लड़का पक्ष में काफी विवाद चला। बात नहीं बनती देख दूल्हा और बाराती रात को ही वहां से खिसक लिए।
बारात को जाते देख लड़की पक्ष के लोगों ने दूल्हे के दो भाई, एक मौसा और मौसा का भाई तथा एक अन्य रिश्तेदार पकड़ लिए। उनको एक कमरे में बंद कर दिया। लड़की पक्ष वाले शादी में हुए खर्चे की मांग कर रहे थे, जिससे उसकी लड़की की कहीं दूसरी जगह पर शादी हो सके।
दूल्हे के छोटे भाई ने अपने साथ शादी करने का प्रस्ताव रखा तो लड़की के घर वाले तो मान गए, लेकिन लड़की ने ऐसे घर में जाने से साफ मना कर दिया। समाचार लिखने तक वह सभी कमरे में बंद थे।