थाना क्षेत्र के गांव तसींगा में सोमवार की देर शाम दर्दनाक हादसा हुआ। घर में चल रहा टेबल फेन (तूफानी पंखा) दंपति के लिए जानलेवा बन गया। सोते वक्त यह पंखा महिला के ऊपर जा गिरा। पंखे में तेज करंट दौड़ रहा था। पत्नी की चीख सुनकर उठे पति ने जब पंखे को उसके ऊपर से उठाया तो वह खुद करंट की चपेट में आ गया जबकि पत्नी बच गई। काफी देर बाद पत्नी ने होश आने पर चीख पुकार शुरू की, तब तक पति की मौत हो चुकी थी।
गांव तसींगा निवासी मनोज (23 वर्ष) पुत्र यादराम कुशवाहा गढ़ी अंता में एक व्यक्ति के यहां मजदूरी पर घुंघरू बनाने का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। सोमवार की शाम वह और उसकी पत्नी और उसके दो अबोध बच्चे खाना खाकर कमरे में सोए हुए थे। कमरे में बैड के पास टेबल फेन चल रहा था। इस दौरान अचानक पंखा उसकी पत्नी हेमा के ऊपर जा गिरा। पंखा गिरते ही उसकी पत्नी की चीख निकल गई, जिससे मनोज की नींद टूट गई। उसने अपनी पत्नी के ऊपर गिरे पंखे को तो हटा दिया, लेकिन पंखे में आ रहे करंट की चपेट में वह स्वयं आ गया और बेहोश हो गया। इधर, करंट लगने के काफी देर तक उसकी पत्नी भी बेहोशी की हालत में पड़ी रही। कुछ देर बाद पत्नी को होश आया तो अपने पति को बेहोश अवस्था में पड़ा देखा तो वह विलाप करने लगी।
रोने-पीटने की आवाज सुनकर काफी लोग उसके कमरे की तरफ दौड़े, लेकिन कमरा अंदर से बंद था। करंट लगने की वजह से हेमा दरवाजा खोलने की स्थिति में नहीं थी। लिहाजा लोगों को दरवाजा तोड़कर अंदर जाना पड़ा। लोगों मनोज और हेमा को डॉक्टरों को दिखाया, जहां डॉक्टरों ने मनोज को मृत घोषित कर दिया, जबकि हेमा का इलाज चल रहा था। मृतक मनोज ने अपने पीछे पत्नी हेमा, ढाई साल के मासूम बेटा बेटी को रोते बिलखते हुए छोड़ा है।