हाथरस। सतेंद्र हत्याकांड का खुलासा होने के बाद भी इसमें नए मोड़ आ रहे हैं। हाथरस गेट पुलिस और एसओजी ने इस मामले में सादाबाद क्षेत्र के गांव कुम्हरई के एक युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। एक दिन बाद युवक के परिजनों को इसकी खबर हुई तो काफी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा होकर थाना हाथरस गेट पहुंच गए और हंगामा किया। ग्रामीणाें ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस असल आरोपियों को बचाने के लिए दूसरे लोगों को फंसाने की कोशिश कर रही है।
हरिओम सिंह मूल रूप से पहलवान हैं। वह अलीगढ़ रोड स्थित एक ट्रैक्टर एजेंसी के मालिक और एक पार्टी के नेता के पर्सनल बॉडीगार्ड हैं। उनके भाई उदयवीर का कहना है कि तीन मार्च की शाम को पुलिस ने ट्रैक्टर एजेंसी से हरिओम को अवैध रूप से हिरासत में ले लिया। हरिओम के लापता होने पर परिजन उनकी तलाश में जुटे थे। इसके एक दिन बाद शुक्रवार शाम को हरिओम के एक मित्र ने परिजनों को उसके पुलिस की हिरासत में होने की जानकारी दी। परिजन रात को ही थाने पहुंचे जहां उन्हें जल्द हरिओम को छोड़ने का भरोसा दिलाया गया। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में परिवार के लोग ग्रामीणों को इकट्ठा कर फिर थाने पहुंचे। यहां हंगामे के बाद दोपहर दो बजे तक हरिओम को छोड़े जाने की बात कही गई। हालांकि देर शाम तक उसे छोड़ा नहीं गया। उदयवीर ने आरोप लगाते हुए कहा कि हत्याकांड में नामजद लोगों में से कुछ को पुलिस बचाना चाहती है इसलिए चार्जशीट दाखिल होने से पहले नई कहानी तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके भाई को इस मामले में जबरन आरोपी बनाने की कोशिश हो रही है।
मालूम हो कि एक अन्य ट्रैक्टर एजेंसी पर काम करने वाले सतेंद्र का शव आठ जनवरी को मंडी समिति के पीछे एक कॉलोनी में मिला था। पुलिस ने 15 दिन के अंदर मामले का खुलासा करते हुए ट्रैक्टर एजेंसी के भवन मालिक जितेंद्र अग्निहोत्री, उनकी पत्नी और पड़ोसी अश्वनी सूरी को हत्या का आरोपी बताया था। तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था।
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इस मामले में नए सिरे से जांच की जा रही है। कई लोग शक के दायरे में हैं। सभी से पूछताछ की जाएगी। हरिओम से केवल पूछताछ की गई है। जल्द ही कई और लोगों से पूछताछ की जाएगी। पुलिस किसी को बचा नहीं रही है, बल्कि हत्याकांड में शामिल बाकी लोगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
- अजयपाल शर्मा, एसपी