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संतरा-बिच्छू गिरोह ने की नगला सिंगी में लूट

Wed, 04 May 2016 11:20 PM IST
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस
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बदमाश्‍ा पकड़े - फोटो : amar ujala
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हाथरस। कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव नगला सिंगी में लूटपाट की वारदात को अंतर्जनपदीय संतरा और बिच्छू गिरोह ने अंजाम दिया था। यह गिरोह हाथरस, एटा और आगरा सहित आसपास के अन्य जिलों में भी लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देता रहा है। गिरोह के सदस्य पिछले कुछ दिनों से हाथरस के मोहल्ला श्रीनगर नई बस्ती में ही किराए पर रह रहे थे। नगला सिंगी के जिस घर में इन बदमाशों ने लूटपाट की थी, उसके मकान मालिक के दांत बदमाशों की पिटाई से टूट गए थे।
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पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयपाल शर्मा ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया कि कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के कोतवाल कुशलपाल सिंह अपने साथियों के साथ रात्रि में गश्त पर थे। इस दौरान उन्हें गांव कछपुरा के पास कुछ संदिग्ध लोगों के इकट्ठे होकर लूटपाट की घटना को अंजाम देने की योजना बनाने की जानकारी मिली। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची देखा तो अंबेडकर पार्क के पास पिलखुन के पेड़ की छांव में कुछ संदिग्ध लोग एकत्रित दिखाई दिए।

पुलिस ने जब पास पहुंचकर इन लोगों को टोका तो इन्होंने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायर झोंक दिया। पुलिस पार्टी ने किसी प्रकार अपने आप को सुरक्षित किया। इस दौरान पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग कर दो युवकों को मौके पर ही दबोच लिया, जबकि तीन पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल हो गए। पकडे़ गए युवकों ने अपने नाम वजीर पुत्र हजारी उर्फ बिंदु बंजारा, मुन्ना उर्फ मुंजनमिया बंजारा पुत्र मुंशी निवासीगण नगला आम कोतवाली जलेसर एटा बताए हैं।
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इन दोनों ने नगला सिंगी में 5-6 अप्रैल को की गई लूटपाट की घटना का इकबाल किया। इनकी निशानदेही पर कुछ आभूषण भी पुलिस ने बरामद किए हैं। पकडे़ गए बदमाशों की नगला सिंगी के पीड़ित से शिनाख्त भी कराई गई। बदमाशों ने अपने भागे हुए साथियों के नाम संतरा पुत्र मुंशी, शौकीन पुत्र हजारी निवासीगण नगला आम जलेसर एटा व सिंधा उर्फ बिच्छू पुत्र रिसाल निवासी निधौली कलां एटा बताए हैं। खुलासा करने वाली पुलिस टीम में एसओ हाथरस गेट कुशलपाल सिंह, एसआई मनोज कुमार शर्मा, एसआई हरिओम शर्मा, पुलिस कर्मी सुधीर कुमार, विनोद कुमार, जितेंद्र कुमार आदि थे।

शहर में ही किराए पर रह रहे थे बदमाश
एसपी ने बताया कि बदमाश दिन में सामान बेचने के बहाने घरों की रैकी करते हैं। इसके बाद आबादी क्षेत्र से बाहर के मकानों को यह अपना निशाना बनाते हैं, जिससे किसी भी प्रकार का शोर-शराबा होने पर यह भाग सकें। घटना को अंजाम देने के साथ ही यह परिवार के सदस्यों के साथ लाठी-डंडों से जमकर मारपीट भी करते हैं, जिससे दहशत फैलाकर आसानी से माल को कब्जे में लिया जा सके।
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पुलिस टीम को पांच हजार ईनाम
एसपी अजयपाल ने घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का ईनाम दिए जाने की घोषणा की है।
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