कस्बा में कुछ दिन पहले हुए रेनू हत्या और लूटकांड के मामले में उसके कारोबारी पति मनोज कुमार वार्ष्णेय ने गुरुवार को आगरा में डीजीपी सुलखान सिंह से मुलाकात कर एसओ सिकंदराराऊ के खिलाफ शिकायती पत्र सौंपा। मनोज कुमार का आरोप है कि हत्याकांड के खुलासे के बाद एसओ लगातार पीड़ित परिवार के नजदीकी लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर रहे हैं। इसके अलावा एसओ पर कार्रवाई कर किसी अन्य अधिकारी से हत्याकांड की जांच कराने की मांग की है। कारोबारी का आरोप है कि एसओ जांच में फेरबदल कर सकते हैं। डीजीपी ने मामले की जांच आईजी अशोक मुथा जैन को सौंपी है।
मथुरा कांड की जांच के लिए आगरा आए डीजीपी को मनोज कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि हत्याकांड के खुलने के पहले दिन से ही पुलिस के बयान लगातार बदलते रहे हैं। उनका आरोप था कि हत्याकांड के खुलासे के पहले दिन कहा गया कि वारदात को धीरज ने अंजाम दिया है, जबकि दूसरा साथी सचिन घर के बाहर से मोबाइल पर निर्देश देता रहा। जब इस पर आपत्ति की गई कि एक व्यक्ति लूट हत्या को अकेले कैसे अंजाम दे सकता है तो पुलिस ने बयान बदल कर कहना शुरू कर दिया कि दोनों ने घर के अंदर हत्याकांड को अंजाम दिया है। इससे एसओ चिढ़ गए तथा मारपीट का एक केस पीड़ित परिवार के नजदीकी लोगों के खिलाफ दर्ज करा दिया।
इसके विरोध में जब व्यापारियों ने एसडीएम को 48 घंटे का अल्टीमेटम का ज्ञापन दिया तो एक और केस परिवार के 50 से ज्यादा परिचितों के खिलाफ दर्ज करा दिया। इसके बाद सैकड़ों पुलिस कर्मियों के साथ फ्लैग मार्च के दौरान दुकान पर बैठे नामजदों को जेल भेजने की धमकी दी गई। पीड़ित परिवार एक तो घटना के कारण वैसे ही दुखी है उसके बाद कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई से बुरी तरह टूट रहा है। आरोप लगाया कि मामले की विवेचना कर रहे वर्तमान एसओ जांच प्रभावित कर हत्याकांड में लिप्त अन्य आरोपियों को बचा सकते हैं। आग्रह किया कि एसओ के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए।