सादाबाद में हाथरस रोड पर पटाखा विक्रेता से पूछताछ करतीं एसडीएम।
- फोटो : Amar Ujala
बदायूं की पटाखा फैक्ट्री में हुए जबर्दस्त विस्फोट में आठ लोगों की मौत की घटना के बाद जिला प्रशासन ने जिले में चल रही पटाखा फैक्ट्रियों, निर्माण इकाइयों और पटाखे के थोक विक्रेताओं पर कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को सादाबाद में एसडीएम ज्योत्स्ना बंधु ने पुलिस प्रशासन के साथ छह पटाखा विक्रेता और निर्माणकर्ताओं के यहां छापे मारे, जिससे पटाखा विक्रेताओं में खलबली मची रही।
एसडीएम ने गांव कजरौठी में राजवीर सिंह और देवेंद्र कुमार के यहां छापा मारा। दोनों के यहां आतिशबाजी बनाने का काम होते हुए मिला। मौके पर दोनों विक्रेताओं ने आतिशबाजी बनाने के लाइसेंस भी दिखाए। एसडीएम ने कहा कि नियमों के मुताबिक ही आतिशबाजी का निर्माण होना चाहिए।
मथुरा रोड पर रवींद्र कुमार और बहादुर सिंह की दुकानों का निरीक्षण किया गया। रवींद्र पर आतिशबाजी निर्माण और बहादुर पर आतिशबाजी विक्रय का लाइसेंस मिला। लाइसेंस गांव कजरौठी में आतिशबाजी निर्माण और विक्रय का था, लेकिन आतिशबाजी का निर्माण और विक्रय मथुरा रोड पर हो रहा था। इस पर एसडीएम ने नियमानुसार कजरौठी जाकर ही निर्माण और विक्रय करने के निर्देश दिए।
सादाबाद नगर में हाथरस रोड पर राकेश कुमार के यहां छापा मारा गया तो विक्रेता ने क्रय-विक्रय का लाइसेंस दिखाया, लेकिन जब दुकान का निरीक्षण किया गया तो अंदर आतिशबाजी निर्माण से संबंधित सामग्री मिली। इस पर एसडीएम ने निर्माण सामग्री को तुरंत हटाने के निर्देश दिए। बिजलीघर रोड पर आबादी के बीच चल रही किशन गोपाल की दुकान पर भी एसडीएम ने नाराजगी जाहिर की। निर्देश दिए कि आबादी के बीच आतिशबाजी की दुकान नहीं चलाई जाए। इस मौके पर कोतवाली प्रभारी शशिप्रकाश शर्मा और राजस्व निरीक्षक डीसी पौरुष आदि मौजूद थे।