-पुलिस भर्ती 2015 के फर्जीबाड़े के दो आरोपियों के साथ खुलासा करते एसपी।
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पुलिस भर्ती परीक्षा 2015 के मेडिकल परीक्षण में 16 जून को सामने आए फर्जीवाड़े में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें से एक आरोपी बर्खास्त सिपाही है। इन आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक घुले सुशील ने बताया कि 16 जून 2018 को नोडल अधिकारी और सीओ सादाबाद योगेश कुमार के प्रार्थना पत्र पर कोतवाली हाथरस गेट में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली हाथरस गेट के प्रभारी निरीक्षक योगेश कुमार सिरोही ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने दिनेश कुमार निवासी विजयगढ़ जिला अलीगढ़ एवं भोला उर्फ उमेशचंद्र शर्मा निवासी ग्राम माजीपुर सुफकरा कोतवाली गोंडा जिला अलीगढ़ को गिरफ्तार किया गया है।
अभियुक्त दिनेश ने पुलिस आरक्षी भर्ती 2015 में फर्जी तरीके से भर्ती होने के लिए दिए भोला उर्फ उमेशचंद्र शर्मा को दो लाख रुपये एडवांस दिए थे। शेष तीन लाख रुपये भर्ती हो जाने के बाद दिए जाने थे। उन दो लाख रुपयों में से 81 हजार रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।
आरोपी भोला पुुलिस विभाग का बर्खास्त सिपाही है। वह पूर्व में पुलिस विभाग में आरक्षी के पद पर तैनात रह चुका है। एसपी ने बताया कि गैंग के अन्य सदस्यों की भी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। इन आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।