हाथरस। केरल के कारापुल्ली जिले में 20 फरवरी को हुए सड़क हादसे में मुरसान क्षेत्र के गांव नगला पदु के किसान की मौत हो गई। पिछले तीन सालों से खेती में नुकसान के कारण इस गांव के कई किसान केरल में मजदूरी कर रहे हैं। किसान का शव हादसे के कई दिन बाद गुरुवार को हवाई जहाज से दिल्ली लाया गया। ग्रामीण की मौत से गांव में मातम पसरा है और परिवार में कोहराम मचा है। गुरुवार सुबह ही किसान के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 38 वर्षीय भुल्ली बघेल के पास आठ बीघा जमीन थी। इतनी जमीन में होने वाली खेती से छह बच्चों और माता-पिता के बड़े परिवार का पालन-पोषण करना भुल्ली के लिए मुमकिन नहीं था। बीते साल आलू में हुए नुकसान ने उन्हें आर्थिक रूप से तोड़ दिया था। वह गांव के दो दर्जन अन्य युवा किसानों की राह पर चल निकले थे और केरल में गांव-गांव गुड़िया के बाल और आइसक्रीम बेचते थे। अपनी फसल के लिए साल में एक महीने के लिए वह गांव आते थे। 20 फरवरी को सड़क पर पैदल जाते हुए उन्हें पीछे से किसी बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी। अस्पताल में डॉक्टरों के भुल्ली को मृत घोषित करने के बाद पुलिस ने परिजनाें को सूचित किया। केरल में साथी मजदूरों ने चंदा कर भुल्ली के शव को हवाई जहाज से दिल्ली पहुंचाया, जहां से एंबुलेंस के जरिए शव को हाथरस के गांव नगला पदु ले जाया सका। खेतिहर मजदूर ने अपने पीछे छह रोते-बिलखते बच्चों को छोड़ा है। इनमें से चार बेटियां हैं। शव आने पर गांव में मातम दिखाई दिया और कई घरों में खाना नहीं पका।