शहर से सटे गांव नगला उम्मेद के एक घर में सोमवार दोपहर को उल्लू की बलि दिए जाने की भनक जैसे ही ग्रामीणों को लगी उन्होंने यूपी 100 को फोन कर दिया। मौके पर पुलिस के पहुंचने से पहले ही घर में तंत्र क्रिया करा रहा आरोपी भाग निकला। पुलिस ने मौके से एक मृत उल्लू को बरामद किया जिसे कुछ देर पहले ही काटा गया था।
यूपी 100 की पीआरवी आरोपी के घर में मौजूद पांच लोगों को भी थाना हाथरस गेट लेकर पहुंची, जहां देर शाम तक आरोपियों से पूछताछ की जा रही थी। आरोपियों में चार राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं और एक आरोपी खुद को पशु चिकित्सक बता रहा है जो मथुरा के छाता थाना क्षेत्र के गांव नौगांव का रहने वाला है।
यूपी 100 के पीआरवी कर्मियों को कर्नाटक के नंबर वाली एक गाड़ी के जरिए उल्लू और कछुओं जैसे कई संरक्षित वन्य जीवों की तस्करी की सूचना मिली थी। वहीं कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को घर के आंगन में उल्लू की बलि दिए जाने की बात बताई थी। मौके पर पहुंची यूपी 100 ने कर्नाटक नंबर की इस गाड़ी को कब्जे में ले लिया। पूरे घर की तलाशी लेने के बाद इस गाड़ी की भी तलाशी ली गई जिसमें एक मृत उल्लू पुलिस को मिला।
पकड़े गए आरोपियों में बाड़मेर के चार आरोपी हैं। इनमें से एक वृद्ध, उसके दो भतीजे और एक अन्य युवक है। पहले आरोपी उल्लू को लेकर आने की बात से इंकार कर रहे थे और कह रहे थे कि वह गोवर्धन की परिक्रमा करने आए हैं लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से उनसे पूछताछ की तो उन्होंने सच बता दिया। पकड़े गए वृद्ध के एक भतीजे ने बताया कि वह कर्नाटक के मैसूर में किराने की दुकान करता है। यह गाड़ी उसने खरीदी है लेकिन अभी तक इसे अपने नाम ट्रांसफर नहीं कराया है। आरोपियों ने बताया कि वह उल्लू की खरीद-फरोख्त का कारोबार करते हैं।
उन्हें छाता निवासी कथित पशु चिकित्सक ने उल्लू लेकर नगला उम्मेद पहुंचने के लिए 20 हजार रुपये दिलाने का लालच दिया था। मैसूर से पहले गाड़ी लेकर जयपुर जाने और फिर वहां से यहां आने में आठ हजार रुपये खर्च हो गए और उन्हें कुछ मिला नहीं। वहीं कथित पशु चिकित्सक ने कहा कि नगला उम्मेद निवासी शख्स ने उनसे तांत्रिक क्रिया के लिए उल्लू मंगाया था लेकिन उल्लू को काटने के बाद तांत्रिक ने क्रिया करने से इंकार कर दिया। इसके लिए फरार आरोपी ने उसे रुपयों का लालच दिया था।
कोतवाली हाथरस गेट पुलिस देर शाम तक आरोपियों से पूछताछ कर रही थी। पुलिस को आरोपियों के पास से केवल एक मृत उल्लू ही मिला है। किसी ग्रामीण ने इस संबंध में थाना पुलिस को लिखित शिकायत भी नहीं दी है। कोतवाल अनिल कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।