मुरसान क्षेत्र के गांव कथरिया में एक पुरानी दीवार हटाने के दौरान छह महीने पहले बनाई गई नई दीवार भरभराकर गिर पड़ी। इस दीवार के मलबे में काम कर रहे मजदूरों के अलावा पास से गुजर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और दो स्कूली बच्चे भी दब गए। ग्रामीणों की मदद से सभी को मलबे से बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया गया। दीवार गिरने के हादसे के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं।
गांव कथरिया में राजेंद्र उपाध्याय के प्लॉट की पिछली दीवार को लेकर काफी समय से विवाद था। यह दीवार प्लॉट के पीछे वाले रास्ते से सटी थी और ग्रामीणों का कहना था कि दीवार को थोड़ा पीछे कर रास्ते को चौड़ा किया जा सकता है। महीनों तक चली जद्दोजहद के बाद राजेंद्र उपाध्याय दीवार को पीछे हटाने के लिए तैयार हो गए। छह महीने पहले उन्होंने पुरानी दीवार से कुछ फुट पहले ही एक नई दीवार खड़ी की।
राजेंद्र उपाध्याय ने ग्रामीणों से कहा कि पुरानी दीवार में काफी ईंट लगी हैं लिहाजा वह इसे बाद में हटवाएंगे। आरोप है कि नई खड़ी की गई दीवार की नींव गहरी नहीं खोदी गई और केवल मिट्टी का भर्त कर दीवार बना दी गई। वहीं पुरानी दीवार की नींव काफी गहरी थी। नई दीवार बनने के बाद ग्रामीण रास्ता चौड़ा करने के लिए पुरानी दीवार को हटाने के लिए राजेंद्र पर दबाव बनाने लगे। राजेंद्र ने गुरुवार को पुरानी दीवार हटाने के लिए मजदूरों को लगाया। गांव के ही मोहर सिंह पुत्र रामबाबू, गुलाब सिंह पुत्र नत्थीलाल, संजय पुत्र सुरेश चंद्र और सोनू पुत्र वीरी सिंह को दीवार हटाने के काम में लगाया गया। मजदूर पुरानी दीवार को हटाने में जुटे थे और उसकी नींव में लगी ईंटों को निकाल रहे थे।
पुरानी दीवार की कुछ और ईंटों को निकालते ही इसके ठीक पीछे बनी नई दीवार भरभराकर गिर पड़ी। पुरानी दीवार के बराबर रास्ते से बच्चों को लेकर गुजर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 46 वर्षीय कमला देवी पत्नी मक्खन लाल, उनके साथ मौजूद पंाच वर्षीय गुंजन पुत्री ओमवीर व प्रिया पुत्री राजू भी दीवार की चपेट में आ गए। आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सभी को मलबे से बाहर निकाला।
ग्रामीण ही घायलों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां 22 वर्षीय मोहर सिंह को मृत घोषित कर दिया गया। जिला अस्पताल में बाकी सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है।