हाथरस। सीजेएम कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने के मामले में पूर्व मंत्री और बसपा के दिग्गज नेता रामवीर उपाध्याय के भाई जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय समेत पांच आरोपियों की पेशी की संभावना पर सभी की नजरें सोमवार को न्यायालय पर टिकी रहीं, लेकिन शाम तक इनमें से कोई भी न्यायालय में पेश नहीं हुआ। गौरतलब है कि सीजेएम कोर्ट ने यह वारंट सादाबाद के सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल के बेटे रजत अग्रवाल पर तीन साल पूर्व हमले के मामले में जारी किए हैं। इधर, विधायक द्वारा रामेश्वर समेत सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दिए गए अल्टीमेटम के बाद पुलिस-प्रशासन पर इसके लिए दवाब और बढ़ गया है।
पुलिस ने रामेश्वर और उनके साथियों की तेजी से तलाश शुरू कर दी है। गौरतलब है कि न्यायालय ने इन आरोपियों के हाजिर होने के लिए 15 मई आखिरी तारीख तय की है। पुलिस की कोशिश है कि किसी भी तरह इस तारीख तक रामेश्वर और अन्य अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर दिया जाए। इधर, उपाध्याय परिवार के सदस्य भी इस मामले में कानूनी राय-मशविरे में जुटे हैं। उनकी कोशिश तय तिथि से पूर्व ऊपरी अदालत से राहत पाने की है।
गौरतलब है कि गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी ने छह मई को पूर्व मंत्री के भाई की गिरफ्तारी के लिए उनके आगरा रोड स्थित आवास पर दबिश दी थी, जिसके बाद बसपाइयों ने कोतवाली का घेराव कर जमकर हंगामा किया था। यहां बसपाइयों और पुलिस अफसरों के बीच तड़का-भड़की भी हो गई थी। एकाएक पुलिस की इस कार्रवाई से जिले का सियासी पारा भी इस घटना के बाद चढ़ गया था। पुलिस की पूरी कोशिश है कि किसी भी तरह न्यायालय में हाजिर होने से पूर्व रामेश्वर और उनके साथी उसके हत्थे चढ़ जाएं, जिससे वह उन्हें न्यायालय में पेश कर उसके आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करा सके। पुलिस का खुफिया विभाग भी सक्रिय है।
-रामेश्वर उपाध्याय को न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए 15 मई निर्धारित की गई है। इस निर्धारित अवधि में उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराया जा सके।
-डॉ.अजयपाल, एसपी हाथरस