हाथरस। मिशन इंद्रधनुष के तहत किए गए टीकाकरण से शहर के मोहल्ला ऊंटगाड़ी में दो बच्चों की मौत के आरोपों की जांच के लिए शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की पांच सदस्यीय टीम ने मोहल्ले का दौरा किया। यहां टीम मृत और बीमार बच्चों के घर गई और उनके परिजनों से बात कर मौत का कारण जानने का प्रयास किया। स्वास्थ्य अधिकारियों का दावा है कि बच्चों की मौत वैक्सीन से नहीं बुखार से हुई है।
13 जून को मोहल्ला ऊंटगाड़ी में आठ बच्चों के टीकाकरण के बाद दो बच्चों की मौत हो गई थी और दो बच्चे बीमार हो गए थे। परिजनों का आरोप था कि टीकाकरण के बाद ही इन बच्चों हालत बिगड़ी थी। इन आरोपों की जांच करने के लिए शुक्रवार को स्वास्थ्य महकमे के जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह के निर्देशन में यूएनडीपी के कोल्ड चेन मैनेजर धर्मेंद्र कुमार, डॉ. कुनाल वार्ष्णेय, डॉ. पवन कुमार और डॉ. प्रेम बिहारी की पांच सदस्यीय टीम सबसे पहले मृत बच्चे निशा और चिराग के घर पहुंची। यहां मृतक बच्चों के अभिभावकों से बात की गई। डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि निशा को 13 जून की रात को बुखार आया था। पैरासीटामोल की गोली देने के बाद बुखार उतर गया। उसके बाद सुबह फिर से निशा को बुखार आ गया, लेकिन परिजनों ने उसे शाम तक कोई दवा नहीं दी। इसी तरह चिराग भी टीका लगने के बाद 24 घंटे तक ठीक रहा था। इसके बाद उसे बुखार आया था। टीकाकरण से इन बच्चों की मौत नहीं हुई है। बीमार बच्चे गगन की दादी ने टीम को बताया कि उन्होंने तो टीकाकरण के बाद गगन को दवा दे दी थी। टीका लगवाने से बीमारियां दूर भागती हैं। चिकित्सकों ने कहा कि टीकाकरण से मासूम बच्चे आठ गंभीर बीमारियों से बचते हैं। टीका लगने से कोई मौत नहीं होती।
रिकॉर्ड खंगाला, नहीं मिली एक्सपायर वैक्सीन
दो बच्चों की मौत और दो बच्चे बीमार होने के बाद जब 15 जून को परिजनों ने तालाब चौराहे पर जाम लगाने के दौरान डीपीटी वैक्सीन की मई 2016 में एक्सपायर हो चुकी खाली शीशी को दिखाया था। इस वैक्सीन की जांच मोहल्ले में किए गए टीकाकरण की वैक्सीन के रिकॉर्ड से मिलाकर की गई तो यह वैक्सीन रिकॉर्ड में थी ही नहीं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि एक्सपायरी डीपीटी वैक्सीन की खाली शीशी लोगों को कहीं पड़ी मिल गई होगी। टीकाकरण भी सिर्फ पेंटा और ओपीबी वैक्सीन का हुआ था।
आज लखनऊ से आ सकते हैं जेडी
टीकाकरण से बच्चों की मौत का मामला लखनऊ तक पहुंचने के बाद अब शनिवार को लखनऊ से स्वास्थ्य विभाग के जेडी डॉ. तोमर भी जिले का आगमन कर सकते हैं। संभावना जाहिर की जा रही है कि डॉ. तोमर मोहल्ला ऊंटगाड़ी में पहुंचकर मृत बच्चों के परिजनों से बातचीत कर सकते हैं।