हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने तीनों को 18-18 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 1.80-1.80 लाख रुपये के अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी है कि अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में तीनों को 10-10 माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा। हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई छह महीने में पूरी करने के जिला न्यायालय को आदेश दिए थे। लिहाजा न्यायालय ने निर्णय सुनाकर इसकी अनुपालन आख्या भी हाईकोर्ट को भेजी है। इतने बडे़ स्तर पर मादक पदार्थ पकडे़ जाने के कारण यह मामला प्रदेश के टॉप 10 मुकदमों की सूची में शामिल था, जिससे एडीजी कानून व्यवस्था खुद इसकी मॉनीटरिंग कर रहे थे।अभियोजन पक्ष के मुताबिक उपनिरीक्षक श्रीपाल सिंह द्वारा कोतवाली चंदपा में 5 अगस्त, 2013 को दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप था कि वह सरकारी जीप से चेकिंग कर रहे थे। वह गांव बघना होते हुए झींगुरा की तरफ जा रहे थे। बघना से निकले तो झींगुरा की ओर से एक टाटा 407 का चालक बंबा पुलिया पर गाड़ी को खड़ी करके उतर गया। जब तक वह इसके पास पहुंचे दो लोग उसे छोड़कर भाग गए, जबकि टाटा 407 में से एक व्यक्ति बायीं साइड की खिड़की को खोलने के प्रयास करता हुआ मिला। जब इसकी खिड़की खोलकर उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम चरनपाल पुत्र दर्शनपाल निवासी झींगुरा कोतवाली चंदपा बताया। उसने पूछताछ के दौरान बताया कि इस टाटा 407 में गांजा भरा हुआ है। जब इससे भागने वालों के नाम पूछे गए तो उसने भागने वालों के नाम चालक तेजवीर निवासी दरकई कोतवाली चंदपा एवं दूसरे का नाम किशन बताया। उसकी टप्पल (अलीगढ़) में ठेका की भंग और गांजा की दुकान है। वही माल खरीदकर ले गया। जब इस गांजे की तोल की गई तो इसका वजन 1,092 किग्रा बैठा। यह गांजा बोरों में भरा हुआ था।--------