अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने हत्या एवं एससी/एसटी एक्ट के एक आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त को अजीवन कारावास एवं 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्त को 10 माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक वादी सुरजीत सिंह निवासी शंकरगढ़ की ओर से कोतवाली सिकंदराराऊ में एक तहरीर 20 मई 2013 को दी गई। इसमें आरोप लगाए कि उसके पिता 50 वर्षीय बलवीर सिंह पुत्र रामचंद्र गांव से मऊ स्थित जूनियर हाईस्कूल में अध्यापक थे।
वह रोजाना की भांति सुबह घर से करीब साढ़े सात बजे साइकिल से कच्चे रास्ते पर होकर मऊ स्थित स्कूल जा रहे थे। उनकी सुबह करीब आठ बजे किसी व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या कर दी। लाश मौके पर ही मऊ गांव से पहले कच्चे रास्ते पर वन विभाग के बबूलों के पास पड़ी हुई थी।
पुलिस ने इस मामले की जांच कर अनिल कुमार उपाध्याय निवासी ग्राम आम आमदापुर थाना अकराबाद जिला अलीगढ़, कमल सिंह और सेठी उर्फ सेवतिया निवासीगण फिरोजपुर थाना ढोलना जिला कासगंज, प्रेम सिंह निवासी फतेहपुर थाना सुन्नगढ़ी कासगंज के खिलाफ न्यायालय में एससी/एसटी एक्ट एवं हत्या के आरोप में आरोप पत्र दाखिल किया।
न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद चारों आरोपियों को दोषी माना, लेकिन सजा के बिंदु पर न्यायालय में सिर्फ कमल सिंह प्रस्तुत हुआ। न्यायालय ने उसको उम्रकैद की सजा सुनाई। वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी केपी सिंह ने की।