पुलिस अक्सर फरियादियों के मुकदमे दर्ज करने में आनाकानी करती है, ऐेसे में उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ती है। हाल ही एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बावजूद चार साल तक हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया। मुकदमा दर्ज न होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने कोर्ट से जानकारी मांगी।
कोर्ट ने सदर कोतवाली पुलिस से पूछा तब पता चला कि आदेश के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। कोर्ट को मुकदमा दर्ज कराने को नया आदेश जारी करना पड़ा। पुलिस ने इस बार कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कोताही नहीं की और तुरंत पीड़ित का मुकदमा दर्ज कर लिया।
चार साल पहले साल 2013 में इगलास अड्डे पर एक बाइक ट्रक की चपेट में आ गई थी। इसमें कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव धातरा कला के विजय कुमार की मौत हो गई थी। पिता मंगल सिंह की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर इस मामले में इसलिए फाइनल रिपोर्ट लगा दी क्योंकि किसी को ट्रक का नंबर नहीं पता था। मंगल सिंह ने मुकदमा खत्म होने के बाद कोर्ट की शरण ली।
उन्होंने विजय कुमार के साथ बाइक पर मौजूद रहे गांव के ओमप्रकाश और मधुगढ़ी निवासी आलम खान पर एक्सीडेंट कराकर विजय की हत्या करने का आरोप लगाया। कोर्ट ने मंगल सिंह की फरियाद पर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिए। कोर्ट का आदेश सदर कोतवाली पहुंच गया लेकिन तत्कालीन कोतवाली निरीक्षक ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। मंगल सिंह को यही लगा कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हो गया है, लेकिन पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही। मंगल सिंह ने कई दिन थाने के चक्कर काटे।
इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयेाग को पत्र लिखा। इसमें कोर्ट का वह आदेश भी संलग्न किया जिसमें मुकदमा दर्ज करने का जिक्र था। पूरे प्रकरण को लेकर गंभीर आयोग ने इस बारे में जांच शुरू की। कोर्ट को पत्र लिखकर आयोग ने पूरे मामले की जानकारी मांगी। इस पर कोर्ट ने सदर कोतवाल सूर्यकांत द्विवेदी का जवाब-तलब कर लिया। सदर कोतवाल ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी करने पर पता चला कि मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। कोर्ट ने इस पर गहरी नाराजगी जताई और पुलिस को पीड़ित का मुकदमा दर्ज करने के लिए नया आदेश दिया।
सदर कोतवाल सूर्यकांत द्विवेदी के मुताबिक आलम खान और ओमप्रकाश के विरुद्ध मंगल सिंह की शिकायत पर हत्या के आरोप में गुरुवार को मुकदमा दर्ज किया गया है।