कॉलेज में घटना के बार में शिक्षकों से जानकारी करते एसडीएम।
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अक्रूर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य द्वारा कॉलेज के व्हाट्सएप ग्रुप में दलितों को नीचे बैठाने व छूआछूत करने जैसे फरमान पर शुक्रवार को और ज्यादा बखेड़ा खड़ा हो गया। विवाद के दूसरे दिन बड़ी संख्या में दलित छात्रों ने कॉलेज में जोरदार प्रदर्शन कर प्रधानाचार्य का पुतला फूंका। कुछ दलित शिक्षकों व कर्मचारियों ने भी इस पर गहरा आक्रोश जताया।
जानकारी मिलने पर कोतवाली हाथरस गेट पुलिस के अलावा एसडीएम सदर भी मौके पर पहुंच गए। आरोपी प्रधानाचार्य के खिलाफ अब एससी- एसटी एक्ट के तहत थाना हाथरस गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
शहर के अक्रूर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य संजीव कुमार शर्मा ने 9 अगस्त को एससी-एसटी संशोधन बिल के विरोध में भारत बंद का समर्थन करते हुए अपने व्हाट्सएप से एक मैसेज फारवर्ड किया था। यह मैसेज कॉलेज के ग्रुप में भी भेजा गया था। इसमें एस-एससी के लोगों के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। साथ ही यह भी कहा गया था कि हम इनसे छुआछूत करेंगे और पुराने रिवाज की तरह इन्हें नीचे बैठाएंगे।
गुरुवार को जब कॉलेज के कुछ शिक्षकों व कर्मचारियों ने इसे पढ़ा तो वह आक्रोशित हो गए थे। इन लोगों ने गुरुवार को ही कॉलेज में प्रदर्शन किया था लेकिन तब बात दब गई थी। अब शुक्रवार को जब कॉलेज खुला तो वहां कई दलित नेता भी यहां आ गए। इसी दौरान वहां कुछ इलाकों के दलित छात्र एकत्रित हो गए और छात्रों ने प्रधानाचार्य के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और प्रधानाचार्य का पुतला फूंक दिया।
हंगामे की सूचना मिलने पर पहले तो कोतवाली हाथरस गेट पुलिस पहुंची और बाद में एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इस मामले में इसी कॉलेज के उप प्रधानाचार्य रामतेज ने वर्तमान प्रधानाचार्य संजीव कुमार शर्मा के खिलाफ आईटी व एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। डीआईओएस ने कहा कि उक्त प्रधानाचार्य के खिलाफ विभागीय जांच करा कार्रवाई की जाएगी।