सादाबाद। रविवार को यहां निकाली गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की शोभायात्रा की एक झांकी में एक विवादित पोस्टर को लेकर बखेड़ा खड़ा हो गया। इस पोस्टर को लेकर माहौल गरम है। दूसरी तरफ इसका पता चलते ही पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया और मौके पर पहुंचकर पोस्टर फड़वा दिया। बाद में पुलिस अधिकारी ऐसे किसी पोस्टर के होने से मना करते रहे।
शोभायात्रा की एक झांकी के पोस्टर में बसपा सुप्रीमो मायावती को महाकाली के रूप में दिखाया गया था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सहित कई भाजपा नेता चित्र में असुर के रूप में पेश किए गए थे। इस पोस्टर को लेकर विपक्षी पार्टियोें के समर्थकों में नाराजगी है। शिकायत पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने पर उन्हाेंने तुरंत इसका संज्ञान लिया
और शोभायात्रा के इस पोस्टर को अपने सामने फड़वा दिया। इस दौरान मौके पर भीड़ लगी रही।
कहते हैं पुलिस अधिकारी पोस्टर को लेकर परेशान रहे। उन्हें चिंता थी कि विवादास्पद पोस्टर कहीं कोई बखेड़ा न खड़ा कर दे। हालांकि सीओ सादाबाद नरेंद्र देव का कहना है कि ऐसी कोई बात शोभायात्रा के दौरान सामने नहीं आई। सादाबाद के कोतवाली प्रभारी महेशचंद्र ने भी इस तरह की किसी घटना से मना किया है। दूसरी तरफ शोभायात्रा पोस्टर फड़वाने के दौरान ली गई तस्वीर कुछ और ही कहानी कह रही है।