अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय के न्यायालय ने अपहरण और हत्या के दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों को उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
कोतवाली सादाबाद क्षेत्र में धर्मवीर निवासी सादाबाद ने पुलिस को एक तहरीर दी थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके मकान में संजू पुत्र सुरेश निवासी गजू थाना राया मथुरा अपने परिवार के साथ किराए पर रहता था। उसे उनके मकान में रहते हुए डेढ़ वर्ष हो चुका था। जब उन्हें मालूम हुआ कि यह व्यक्ति अपराधी किस्म का है तो उन्होंने उससे मकान खाली करने के लिए कहा, लेकिन इन लोगों ने मकान खाली नहीं किया।
इसी बात को लेकर हुई कहासुनी में संजू और उसके साथी हरीचंद्र उर्फहरिश्चंद्र निवासी बांयी खेड़ा थाना मलपुरा जनपद आगरा के साथ मिलकर वादी के छह वर्षीय पुत्र शिवा का 10 अगस्त 2013 को अपहरण कर लिया बाद में उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने जब दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही से बच्चे का शव भी जंगल में कुएं से बरामद किया गया।
न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना। इसके बाद दोनों आरोपियों को दोषी माना। इसके बाद आईपीसी की धारा 364 और 302 में अलग-अलग में अजीवन कारावास एवं दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि आईपीसी की धारा 201 में पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास एवं पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाओं के एक साथ चलने का निर्णय दिया। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अर्थदंड की कुल धनराशि का 50 प्रतिशत पैसा पीड़ित परिवार को प्रतिकर के रूप में दिया जाएगा।