हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने फौजी की हत्या के आरोप में दो लोगों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने इन दोनों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों को 40-40 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोनों को 10-10 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। निर्णय हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में सुनाते हुए अनुपालन आख्या भेजी गई हैं।
कोतवाली सादाबाद पुलिस को सौंपी गई तहरीर में मृतक फौजी के पिता भगवान सिंह निवासी हथकौली सादाबाद ने कहा कि उनका 22 वर्षीय बेटा भीम सोलंकी सेना की जाट रेजीमेंट में सिपाही के पद पर जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में तैनात था। पैर में चोट लगने के कारण वह 28 दिन के अवकाश पर चल रहा था। 22 मई, 2011 को घर से अपने भांजे को अपनी बाइक संख्या पल्सर यूपी 85 वी-1747 से बल्देव तक छोड़ने गया था। वह काफी देर तक घर नहीं लौटा। इस दौरान घर पर फोन आया कि भीम की लाश बिसावर से रदोई जाने वाले कुरसंडा मोड़ पर नीम के पेड़ के नीचे रास्ते पर पड़ी है। जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। गले में बिजली की केबल और क्लच वायर बंधा था। जब इस बारे में भांजे अमित और उसके दोस्त अजीत से पूछा तो उन्होंने बताया कि उसको छोड़ने के बाद वह प्रेमशंकर निवासी हथकौली के साथ गया था। इसके बाद पुलिस ने प्रेमशंकर निवासी हथकौली और विक्रम उर्फ बल्लो निवासी विधिपुर कोतवाली सादाबाद के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। सुनवाई के बाद न्यायालय ने इनको दोषी करार देते हुए सजा का फैसला सुनाया है। आरोपियों को 25 आर्म्स एक्ट में भी सजा सुनाई है। दोनों सजाओं के एक साथ चलने का भी निर्णय दिया है।