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हत्या के विरोध में सीओ की गाड़ी के आगे लेटीं महिलाएं

Wed, 25 Jan 2017 11:22 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
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जिला अस्पताल में सीओ की कार के सामने लेटी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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थाना चंदपा क्षेत्र में सिद्धपीठ माता तारागढ़ मंदिर को जाने वाले रास्ते पर पिता-पुत्र पर हुए हमले के बाद मृतक के परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए। यहां परिजनों ने सीओ सिटी की गाड़ी का घेराव कर लिया और उनकी गाड़ी के आगे लेट गईं। उनका कहना था कि हमलावर दबंग और पैसे वाले हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई में हीलाहवाली की जाती रही, इसलिए आरोपियों के हौसले बुलंद थे और उन्होंने दुस्साहसिक तरीके से घटना को अंजाम दे दिया।
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सीओ सिटी आरके गौतम ने किसी प्रकार पीड़ित परिवार की महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत कराया। सीओ सादाबाद मनीषा सिंह का कहना था कि इस तरह की कोई शिकायत पहले से थाने में नहीं थी। 2015 में जमीन विवाद को लेकर क्या घटनाक्रम हुआ था, उसकी पृष्ठभूमि दिखवाई जाएगी। अगर परिजनों को लगता है कि पुलिस की लापरवाही रही है तो इसकी जांच करा ली जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होगी।  

घटना के बाद गांव में मातम, कई हिरासत में
घटना के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए तुरंत आरोपियों के यहां दबिश दी और कई परिजनों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया। इनसे हमलावरों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की टीमों ने आरोपियों के कई संदिग्ध ठिकानों पर भी छापेमारी की, लेकिन देर शाम तक कोई भी आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका था। पुलिस ने इसके साथ ही कोतवाली सासनी क्षेत्र में समामई के निकट नीरज पर गोली चलाने के मामले में पूछताछ के लिए प्रधान के पति सुनील से भी गहनता से पूछताछ की है, जिससे मामले की गुत्थी को सुलझाने में मदद मिल सके। बताते हैं कि कि प्रधान अतर सिंह के छोटे बेटे नीरज के साथ अलीगढ़ जा रहे थे। तभी नीरज पर फायरिंग हुई। 
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हमलावरों ने पूरी प्लानिंग से की पिता-पुत्र की घेराबंदी
हमलावरों ने जिस तरह इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया, उससे यह बात तो साफ हो गई है कि उनके पास पिता-पुत्र की लोकेशन की सटीक जानकारी थी। यही वजह है कि तारागढ़ देवी मंदिर के निकट साइकिल सवार पिता-पुत्रों पर हमले के बाद हमलावर सीधे अलीगढ़ की तरफ बाइक लेकर भागे। शायद उन्हें पता था कि मृतक अतर सिंह का दूसरा बेटा नीरज अलीगढ़ किसी काम से गया है और उसे रास्ते में घेरने की पूरी योजना थी। तभी तो सासनी से आगे गांव समामई के निकट उन्होंने नीरज को घेर लिया और उस पर भी हमला बोला। वो तो किस्मत नीरज के साथ थी, जिससे वह इस हमले में मामूली रूप से ही घायल हुआ। हमलावरों का अंदाजा बता रहा है कि वह तीनों में से किसी को भी जिंदा छोड़ने के मूड में नहीं थे।


प्रथम दृष्टया मामला जमीन विवाद का निकलकर सामने आया है। परिजनों और घायलों ने भी बताया है कि विवाद से जुड़े लोग ही हमले में शामिल हैं। दोनों घायलों का आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। अभी तक इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही हैं। जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
- मनीषा सिंह, सीओ सादाबाद 

अभी तक इस मामले में कोई स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। मृतक के परिजनों और घायलों से पूछताछ के बाद यह पता लगा है कि जमीन के विवाद में यह घटना हुई है। पूरे मामले की तफ्तीश चल रही है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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-दिलीप कुमार, एसपी हाथरस
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