पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची एक महिला ने अपने साथ पिछले एक साल से हो रहे दुराचार की हैरान करने वाली कहानी बयां की है। महिला की मानें तो पति की मौत के बाद से जेठ, देवर और जेठ का बेटा उसका शारीरिक शोषण कर रहे हैं। किसी तरह वह ससुरालियों के चंगुल से निकलकर मायके आ गई तो आरोपी यहां भी उसे लेने आ गए और मायके में भी उसके साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया।
साथ नहीं जाने पर आरोपी मारपीट कर भाग निकले। दुष्कर्म के बाद पीड़िता को डेढ़ महीने का गर्भ ठहर गया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। 30 वर्षीय महिला का मायका हाथरस जंक्शन थाना क्षेत्र में है। उसकी बड़ी बहन की शादी औरेया से हुई थी।
परिजनों ने आठ साल पहले उसकी भी शादी औरेया में बड़ी बहन के देवर से कर दी। शादी के बाद महिला ने दो बेटियों को जन्म दिया। पति की मौत से पहले तक सबकुछ सही रहा। एक साल पहले पति की मौत के बाद देवर, जेठ और जेठ के बेटे की बुरी नजर रखते हुए विधवा को परेशान करने लगे, लेकिन अपनी बहन के सहारे गरीब महिला गुजर-बसर करने लगी।
महिला का आरोप है कि ससुराल में देवर, जेठ ने उसके साथ दुष्कर्म करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती रही। बड़ी बहन ने विरोध किया तो उसके घर से निकालकर मायके भेज दिया गया। एक दिन किसी तरह वह भागकर अपने गांव आ गई। 25 अगस्त को ससुराली भी उसके गांव आ गए और साथ ले जाने का दबाव बनाने लगे।
यहां भी जेठ के बेटे ने घर में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। यह बात जब पीड़िता ने अपने भाई को बताई तो आरोपियों ने भाई और पीड़िता की मां के साथ मारपीट की। इसके बाद भी लोकलाज के भय से पीड़िता चुप रही। हाल ही में महिला को पता चला कि उसे डेढ़ महीने का गर्भ ठहर गया है।
पीड़िता अपने भाई को लेकर शिकायत करने थाने पहुंची, लेकिन वहां उसे कोई अधिकारी नहीं मिला। इसके बाद सोमवार को पीड़िता ने नवागत पुलिस अधीक्षक केशव चौधरी को आपबीती सुनाई। पुलिस अधीक्षक ने थाना पुलिस को मामले की जांच करने को कहा है। पीड़िता को उचित कार्रवाई का भरोसा उन्होंने दिलाया है।