सदर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली मानसिक रूप से अस्वस्थ 15 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म के बाद जांच में जुटी पुलिस की संवेदनहीनता सामने आई है। पीड़िता का आरोप है कि सदर कोतवाली में चिकित्सकीय परीक्षण के लिए बुलाए जाने के बाद कोतवाल जेएस पंवार ने उसे दुष्कर्म के आरोपी के भाई से शादी रचाने की सलाह दी थी।
किशोरी के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। वह अपने बड़े भाई के साथ रह रही है। परिवार की गुजर-बसर छोटा भाई रिक्शा चलाकर करता है। गरीब परिवार के पड़ोस में रहने वाले दो बच्चों के पिता ने बहला-फुसलाकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। किशोरी के गर्भवती होने पर परिजनों को इसका पता चला। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया और अगले दिन आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
रविवार को युवती के बयान दर्ज करने के बाद सोमवार को उसे मेडिकल के लिए बुलाया जा सके। कोर्ट में बयान कराने से पहले मेडिकल कराना जरूरी होता है। सोमवार को युवती जब कोतवाली पहुंची तो वहां मौजूद सदर कोतवाल ने गंभीर रवैया अपनाने की जगह पीड़िता को आरोपी के भाई से शादी कर लेने की सलाह दे डाली। पीड़िता ने जब इस बारे मे परिजनाें को बताया तो उन्होंने इस मामले की शिकायत आला अधिकारियों से करने का मन बना लिया। आला अधिकारियों ने मामले में जांच का आश्वासन दिलाया है।
इस तरह की कोई बात नहीं कही गई है। पीड़िता के साथ एक महिला आई थी। वह पुलिस विरोधी है। उसी महिला ने यह कहलवाया होगा। हमारी पीड़िता से जब कोई बात ही नहीं हुई तो ऐसा आरोप कैसे लगाया जा सकता है।
- जेएस पंवार, सदर कोतवाल
पुलिस को कानून के मुताबिक काम करने से मतलब होना चाहिए। पुलिस को किसी के व्यक्तिगत मामले में राय देने का अधिकार नहीं है। अगर किसी ने ऐसा कहा है तो यह गलत है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद कुमार, एएसपी