क्षेत्र के गांव नगला बिजैया के जंगलों में पुलिस ने छापा मारकर बड़े पैमाने पर देसी आतिशबाजी का जखीरा पकड़ा है। पुलिस ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है। पुलिस ने आतिशबाजी की जांच के लिए फॉरेंसिंक एक्सपर्ट को भी बुलाया, जिनकी मदद से पकड़ी गई आतिशबाजी को निष्क्रिय करा दिया गया। हालांकि पकड़े गए लोग खुद को लाइसेंसी आतिशबाजी निर्माता बता रहे हैं। पुलिस उनके कागजातों की बारीकी से जांच करा रही है। दिवाली से ठीक पहले पुलिस की इस कार्रवाई से देसी आतिशबाजी बनाने वालों में खलबली मच गई है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गांव नगला बिजैया के जंगलों में बड़े पैमाने पर देसी पटाखे बनाए जा रहे हैं, जिन्हें दिवाली पर खपाए जाने की तैयारी है। सूचना पर कोतवाल प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बताए गए ठिकाने पर दबिश दी और वहां से बड़े पैमाने पर देसी आतिशबाजी का जखीरा बरामद कर लिया। पुलिस बरामद की गई आतिशबाजी को अपने साथ थाने ले आई।
कोतवाल प्रदीप कुमार ने बताया कि जंगल में दो अलग-अलग जगहों से काफी मात्रा में सुतली बम, बने एवं अधबने बम, कुल्हड़, रॉड एवं बारूद बरामद किया गया है।
पुलिस को देखकर मौके से आतिशबाजी बनाने वाले लोग फरार हो गए, जबकि दो लोगों को पुलिस ने अशोक कुमार और संजय कुमार निवासी मोहल्ला जमुनवाला सासनी पकड़ लिया। एसओ का कहना है कि जो लाइसेंस है वो संजय की पत्नी के नाम से है, लेकिन मौके पर मानक से ज्यादा आतिशबाजी का स्टोक मिला है, इसलिए मुकदमा दर्ज किया गया है।मौके पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को भी बुला लिया गया।