सिटी रेलवे स्टेशन पर मौजूदा काका हाथरस स्मारक के अंदर पिछले दो दिन से रह रही उड़ीसा की बीमार मजदूर महिला ने सनसनीखेज आरोप लगाया है। 40 वर्षीय महिला का कहना है कि शनिवार रात को पुलिस की वर्दी पहने एक अनजान शख्स ने उसके कपड़े उतार दिए और छेड़छाड़ की। महिला के आरोपों के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। महिला को उसी परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है। जहां वह पिछले पांच साल से शादी के बाद रह रही थी।
महिला के आरोपों के बाद हरकत में आई जीआरपी ने उससे पूछताछ की है। हालांकि पुलिस की पूछताछ में महिला छेड़छाड़ के अपने आरोपों से पलट गई। महिला ने कहा कि थाना हाथरस गेट क्षेत्र के एक गांव में रहने वाला एक परिवार उसे पांच साल पहले शादी के लिए उड़ीसा के कालाहांडी जिले के गांव से यहां लेकर आया था।
शादी के कुछ दिन बाद ही परिवार के लोगों ने उससे मजदूरी कराना शुरू कर दिया। उसकी सही तरह से देखरेख नहीं करते थे और उसे खाने के लिए पेटभर भोजन नहीं दिया जाता था। इससे उसके शरीर में खून की कमी हो गई।
बीमार रहने पर परिवार के लोगों ने उसका मथुरा में कुछ इलाज भी कराया, लेकिन ज्यादा खर्चा होने पर परिवार के लोग दो दिन पहले उसे मथुरा छोड़कर चले आए। महिला किसी तरह मथुरा से हाथरस आ गई और दो दिन से स्टेशन पर ही रह रही थी।
हालांकि जीआरपी की पूछताछ से पहले महिला ने मीडियाकर्मियों को अपने साथ छेड़छाड़ किए जाने की बात कही थी और एक अज्ञात पुलिसकर्मी पर आरोप भी लगाए थे। पूछताछ के बाद जीआरपी महिला को थाना हाथरस गेट भी ले गई और महिला को थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। थाना पुलिस ने महिला को उसी परिवार के सुपुर्द कर दिया जहां उसकी शादी हुई थी।
महिला ने पूछताछ में छेड़छाड़ की कोई बात नहीं कही है। जांच में भी ऐसा कुछ सामने नहीं आया है। महिला को थाना हाथरस गेट के सुपुर्द कर दिया गया है।
- विनोद कुमार, एसओ, जीआरपी
जीआरपी की महिला पुलिस महिला को लेकर आई थी। महिला को उसी परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां उसकी शादी हुई थी।
- रजनेश तिवारी, इंस्पेक्टर हाथरस गेट