सांसद प्रतिनिधि मुकेश पौरुष की मौत के मामले में उनकी पत्नी सुनीता पौरुष ने बुधवार को एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह सीएम आवास पर आत्मदाह कर लेंगी। सुनीता पौरुष ने कहा है कि उन्हें जिला प्रशासन की जांच पर अब भरोसा नहीं है। उन्होंने पति की मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग यूपी सरकार से की है।
प्रेस को जारी बयान में सुनीता पौरुष ने कहा है कि उनके पति की मौत को एक महीना होने जा रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी जांच में ढुलमुल रवैया अपना रहे हैं। जांच में कोई प्रगति होती नही दिख रही। परिजनों को अब न्याय की उम्मीद नजर नहीं आ रही। इससे बड़ी विडंबना क्या है कि सांसद प्रतिनिधि की पत्नी होने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा।
इतना सब होने पर भी प्रशासनिक या अन्य किसी स्तर से परिवार को कोई आर्थिक मदद दिलाई गई है। सुनीता पौरुष ने कहा है कि उन्हें जिला प्रशासन की जांच पर अब भरोसा नहीं रह गया, इसलिए मामले की जांच सरकार को सीबीआई से करानी चाहिए। अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो वह सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलेंगी। उनके आवास पर धरना देंगी और फिर भी मांग नहीं मानी गई तो आवास पर आत्मदाह करने के लिए मजबूर होंगी।
मालूम हो कि आठ मार्च को मुकेश पौरुष की मौत हड्डी के ऑपरेशन के दौरान हो गई थी। परिजनों ने सरस्वती नर्सिंग होम के चिकित्सक डॉ. महेश चंद्र गुप्ता और उनके बेटे डॉ. सौरभ गुप्ता के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कराया था।