पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारियाें को शनिवार दोपहर को अजीब हालात का सामना करना पड़ा। सर्पदंश से मौत के बाद एक शव को पोस्टमार्टम हाउस लाया गया, लेकिन वहां पहुंचे परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से यह कहकर इंकार कर दिया कि बायगीर उनके बेटे को जिंदा कर देंगे। अगर पोस्टमार्टम हुआ तो शव के क्षतिग्रस्त होने से बेटा मर जाएगा और फिर कभी जिंदा नहीं हो पाएगा। यही नहीं जब पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारियों ने एंबुलेंस में रखे शव को अंदर ले जाने की कोशिश की तो महिलाएं शटर पर लटक गईं। मौके पर जब पुलिस पहुंची तब परिजन शांत हुए और पोस्टमार्टम के लिए तैयार हो गए।
कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव ढकपुरा निवासी दीपक (40) पुत्र चंदना सिंह मजदूरी करते थे। दीपक के बेटे मुरारी का कहना है कि शुक्रवार को सासनी किला परिसर के शिव मंदिर के एक बाबा ने उन्हें किसी काम से अपने पास बुलाया था। आरोपी बाबा सांपों को पकड़ने का कार्य करता है। शुक्रवार देर रात बाबा का फोन आया कि दीपक को एक सांप ने काट लिया है, जिससे उसकी मौत हो गई है। परिजन जब मौके पर पहुंचे तो दीपक के कान के पास उन्हें गहरी चोट दिखाई दी। मुरारी का आरोप है कि थाने में पुलिस ने उससे जबरन तहरीर लिखवाई जिससे मौत का कारण सर्पदंश को बताया गया। मुरारी के मुताबिक सर्पदंश में कान के पास गहरा घाव होने की बात गले से नहीं उतर रही।
शनिवार सुबह पुलिस पोस्टमार्टम के लिए शव को पोस्टमार्टम हाउस ले गई। यहां परिवार की महिलाओं को एक बायगीर ने यह कह दिया कि अगर दीपक का थोड़ा खून ले आओगे तो वह उसे जिंदा कर देगा। बायगीर ने यह भी कहा कि जब तक दीपक जिंदा नहीं हो जाता, उसका पोस्टमार्टम नहीं कराया जाए। इस पर परिवार की कई महिलाएं पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गई और दीपक के शव से खून निकालने की बात करने लगीं। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद कर्मियाें ने जब इसका विरोध किया तो परिजन हंगामा करने लगे।
दीपक सांप पकड़ने का काम भी करता था। एक सांप को उसने पकड़ लिया था, उसी सांप ने इसके हाथ और कान के पास कई जगह काट लिया था। तहरीर बदलवाने या हत्या होने का आरोप गलत है, फिर भी शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
- विनोद कुमार सिंह, एसएसआई, सासनी